उरी सैन्य सेक्टर पर हमला, 11 सुरक्षाकर्मी शहीद

श्रीनगर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जम्मू-कश्मीर यात्रा से महज दो दिन पहले उग्रवादियों ने बारामुला जिले के उरी सेक्टर में सेना के शिविर पर हमला कर 11 सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी तथा सोपियां में एक पुलिस दल को अपना निशाना बनाया। सैन्य शिविर पर हुए हमले में मरने वालों में एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी शामिल है जबकि सोपियां वाले हमले में लश्कर-ए-तैयबा का एक कमांडर मारा गया। जम्मू-कश्मीर में नौ दिसंबर को होने वाले तीसरे चरण के मतदान से पहले आज तड़के तीन बजकर दस मिनट पर भारी हथियारों से लैस उग्रवादियों ने हमला कर सेना के आठ कर्मियों तथा तीन पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी। हमला उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के उरी तहसील के मोहरा जिले में स्थित सैन्य शिविर पर हुआ था।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नियंत्रण रेखा से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित सैन्य शिविर पर हुए हमले में छह उग्रवादी भी मारे गए। सूत्रों ने बताया कि मरने वालों में एक लेफ्टिनेंट कर्नल और सेना के सात जवान शामिल हैं। इनमें से पांच की मौत जलने से जबकि तीन की गोली लगने से हुई। उरी श्रीनगर से करीब 100 किलोमीटर पश्चिमोत्तर में है जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को चुनाव प्रचार करने वाले हैं। दिल्ली में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा, ‘‘यह संभव है कि हमला चुनावों के कारण हुआ हो–– हम घिरे हुए शेष उग्रवादियों को मार गिराएंगे।’’

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह हमला शांति और स्थिरता को भंग करने की हताश भरी कोशिश है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘एक बार फिर दिख रहा है कि शांति और स्थिरता भंग करने के लिए उग्रवादी किस स्तर तक जा सकते हैं।’’ पुलिस ने बताया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से हाल ही में कम से कम छह उग्रवादी घुसपैठ करके घाटी में आए हैं।

पुलिस ने बताया कि शहर के बाहरी इलाके सूरा में सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष कमांडर कारी इसरार को मार गिराया। वह शहर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने बताया कि आज दोपहर सूरा इलाके के अहमदनगर में एक जांच चौकी से कार में सवार दो उग्रवादियों ने निकल भागने का प्रयास किया। पुलिस ने कार का पीछा किया और मुठभेड़ के बाद इसरार को मार गिराया। उसके पास से पुलिस को एक एके-47 राइफल मिली है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गयी है क्योंकि इसी क्षेत्र के एक मकान में अन्य उग्रवादी छुपा हुआ है।

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक के. राजेन्द्र ने बताया कि यह बड़ी सफलता है क्योंकि यह उग्रवादी विभिन्न मामलों में वांछित था। इसरार पाकिस्तानी नागरिक है। चुनाव और सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा से पहले आत्मघाती हमलों की आशंका के संबंध में खुफिया विभाग से मिली सूचना के बाद पुलिस ने वाहनों की जांच सघन कर दी थी। तीसरे हमले में उग्रवादियों ने दक्षिण कश्मीर के सोपियां में एक पुलिस दल पर हथगोला फेंका, हालांकि हमले में कोई घायल नहीं हुआ।

उधर, दक्षिण कश्मीर में पुलवामा के एक भीड़भाड़ वाले बस स्टैंड पर आज आतंकवादियों के ग्रेनेड हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गयी जबकि छह अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि त्राल बस स्टैंड पर अज्ञात आतंकवादियों ने सुरक्षा गश्ती दल पर गोला दागा जिससे गुलाम हसन मीर की मौत हो गयी जबकि छह अन्य घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक ग्रेनेड विस्फोट के तत्काल बाद पूरे इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है और उसमें शामिल आतंकवादियों की धर-पकड़ के लिए अभियान छेड़ दिया है। किसी भी आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।


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