आम आदमी पार्टी से सामान वापस मांगने का सिलसिला जारी

अरूण पाण्डेय
नईदिल्ली । दिनों दिन केजरीवाल को लेकर लोगों का रवैया बदलता ही जा रहा है , आज फिर एक आदमी ने आम आदमी पार्टी से अपनी धरोहरों को वापस देने की मांग की है और कहा कि उसका राइट उनके पास है अगर नही दिया तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटायेंगे। गौरतलब हो कि इसी तरह पिछले दिनों कुंदन नामक आदमी ने केजरीवाल को दी गयी अपनी नीली कार वापस मांग ली थी।
आज के धटना क्रम में आम आदमी पार्टी आप का लोगो डिजाइन करने वाले सुनील कुमार ने अपना लोगो वापस मांगा है.आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर उन्होंने यह मांग की है. वह आप की अंदरूनी कलह से नाराज हैं.और अब वह आम आदमी पाटी्र के साथ नही रहना चाहते इसलिये उन्होनें अपनी बौद्धिक सम्पति वापस मांगी हैं।

शांति भूषण भी वापस मांग सकते है रूपये: आतिशी मारलेना
आम आदमी पार्टी की पूर्व प्रवक्ता आतिशी मारलेना ने दावा किया है कि शांति भूषण ने ‘आप’ की स्थापना के समय पार्टी को एक करोड़ रुपए का चंदा दिया था लेकिन वह लंबे समय से केजरीवाल से खफा चल रहे हैं. दिल्ली चुनाव से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए किरण बेदी को केजरीवाल से बेहतर उम्मीदवार बता दिया था.वह किसी भी वापस रूपया वापस मांग सकते है।

मेरी वो वैगनार लौटा दो:कुंदन
एक अलग धटना क्रम में गतदिनों केजरीवाल को बहुचर्चित नीली वैगन आर दान करने वाले कुंदन ने भी अपनी कार वापस मांग ली थी .उन्होनें कहा कि मुझे मेरी कार, बाइक और वे लाखों रुपये वापस चाहिए जो मैंने और मेरी पत्नी श्रद्धा ने आप को दिए थे. उन्होंने लिखा, मैं खुश हो जाऊंगा अगर पार्टी बालयान जैसे विधायकों के लिए राइट टु रिकॉल लाने के बजाय, हमें चंदा वापस लेने का अधिकार दे दे. क्योंकि राइट टु रिकॉल तो असंभव लग रहा है.

भगत सिंह क्रांति सेना का पोस्टर वार
भगत सिंह क्रांति सेना ने पोस्टर्स लगा कर आम आदमी पार्टी पर हमला बोला है. पोस्टर्स में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की तुलना हिटलर से की गई है.साथ ही पार्टी के अहम पदों से बाहर किए गए योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण से सहानुभूति जताई गई है. यह पोस्टर भगत सिंह क्रांति सेना ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में लगाए हैं. सेना ने अपने पोस्टर्स में लिखा है, आप में रहना है तो अरविंद-अरविंद कहना है. 1 अप्रैल को भी भगत सिंह क्रांति सेना ने अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ पोस्टर्स लगाए थे.

गुडबाय एंड गुडलक केजरीवाल: प्रशांत भूषण
इस बीच प्रशांत भूषण ने आम आदमी पार्टी को अलविदा कर दिया है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को एक खुला खत लिखा है और खुद पर लगे तमाम आरोपों का जवाब दिया है।अपनी चिट्ठी में उन्होंने उन सभी आरोपों का जवाब दिया है, जो केजरीवाल ने 28 मार्च को पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में दिए गए अपने भाषण के दौरान उन पर लगाए थे।उन्होंने अरविंद को चिट्ठी में गुडबाय एंड गुड लक कहा है जिससे माना जा रहा है उन्होंने आम आदमी पार्टी से अपना रिश्ता खत्म कर लिया है।

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