गुरुद्रारा बंगला साहिब में कड़ाह-प्रसाद में कीड़े, सेवादार लांगरी ही बली का बकरा क्यों?- इन्दर मोहन सिंह

–ऋषभ दुआ

दिल्लीः 29 मई- दिल्ली सिख गुरुद्रारा प्रबंन्ध कमेटी के प्रबंन्ध अधीन चल रहे गुरुद्रारा बंगला साहिब में गत दिनों फर्जी कंपनियों से करोड़ों रुपयों के घटिया देसी घी की खरीद करने के बाद अब कड़ाह-प्रसाद की देग से कीड़े ;सुन्डीयांद्ध निकलने का मामला सामने आया है। इस संम्बन्ध में खुलासा करते हुये षिरोमणी अकाली दल दिल्ली के सीनीयर उप-प्रधान स. इन्दर मोहन सिंह ने बताया है कि कमेटी के जनरल मैनेजर हरजीत सिंह उर्फ सूबेदार द्रारा गत 26 मई को जारी तुगलकी फुरमान द्रारा डियुटी पर तैनात सेवादार लांगरी स. गुरमेज सिंह को 16 हजार का जुर्माना लगाते हुये उसकी बदली गुरुद्रारा मोती बाग साहिब कर दी गयी है, जबकि इस कीड़े ;सुन्डीयांेद्ध वाले आटे की खरीद करने करने के लिये वह सेवादार लांगरी नही बल्कि कमेटी के प्रबंन्धक एंव जनरल मैनेजर जिम्मेवार हैं।

स. इन्दर मोहन सिंह ने प्रधान स. मनजीत सिंह जी.के. को पूछा है कि घटिया आटा खरीद कर गुरु घर तक पहुंचाने वाले आरोपी अफसरों के विरुद्ध कोई कार्यवाही ना करने एंव केवल लांगरी सेवादार को ही भारी जुर्माने तथा बदली करने की सजा देकर बली का बकरा बनाने में उनकी क्या मजबूरी है? उन्होने जी.के. को सवाल किया है कि महिलायों के यौन-उत्पीड़न के कथित संगीन जुर्म में लिप्त जनरल मैनेजर हरजीत सिंह उर्फ सूबेदार को सीट पर बैठने की इजाजत क्यों दी गयी, जबकि जी.के. द्रारा ही जारी उसकी मुअतली का 20 अप्रैल 2018 का आदेष स. 4450/2-1 अभी तक कैंसल नही किया गया है? स. इन्दर मोहन सिंह ने कहा कि जी.के. की इस घटिया कारगुजारी से संगतों में भारी आक्रोष है तथा कमेटी के सेवादारों में डर का माहौल पैदा हो गया है। उन्होने बताया कि जी.के. तथा जनरल मैनेजर सूबेदार ने बेईमानी की सभी हदें पार कर ली है तथा अब वह लंगर एंव कड़ाह-प्रसाद में घटिया क्वालिटी के मिलावटी देसी घी, आटा, चीनी तथा अन्य सामग्री का प्रयोग करके संगतों के साथ विष्वासघात करने से भी गुरेज नही कर रहे हैं। स. इन्दर मोहन सिंह ने मांग की है कि इस घोर अपराध के आरोपी जनरल मैनेजर हरजीत सिंह डर्फ सूबेदार को तुरन्त नौकरी से बर्खास्त करके इसके विरुद्ध पुलिस केस दर्ज करवाया जाये तथा जी.के. नैतिक आधार पर अपनी प्रधानगी के पद से त्याग-पत्र देे।

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