सोमनाथ भारती को सुप्रीम कोर्ट से झटका, जमानत देने से इनकार

पत्रिक संवाददाता, नई दिल्ली। पत्नी की हत्या के प्रयास व घरेलू हिंसा के मामले में आरोपी दिल्ली के पूर्व कानून मत्री एवं विधायक सोमनाथ भारती को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है। भारती की पत्नी लिपिका ने सोमवार को अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट में दायर करते हुए कहा कि वह भारती से किसी भी तरह का समझौता नहीं करना चाहती। इस जवाब के बाद सुप्रीम कोट ने भारती को मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमानत की अर्जी निचली अदालत में दायर करें। ज्ञात हो कि पिछली बार सुप्रीम कोर्ट ने लिपिका से पूछा था कि क्या आप दोनों के बीच समझौता हो सकता है?

सोमवार को लिपिका ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनके बीच समझौता करने की सारी संभावनाएं खत्म हो चुकी हैं। उन्होंने पूर्व में भारती को समझौता करने के कई मौके दिए थे, मगर भारती ने उनसे समझौता करने की बजाय उन पर दबाव डालते हुए मुकदमा खत्म कराने का प्रयास किया। इतना ही नहीं केस के गवाहों व उनको तक डराया धमकाया है। ऐसे में वे समझौता नहीं करना चाहती हैं। उल्लेखनीय है कि भारती की पत्नी लिपिका मित्रा ने प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस को 10 जून को शिकायत दी थी और 10 सितम्बर 2010 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 41 साल के सोमनाथ भारती पर घरेलू हिंसा और हत्या की कोशिश के आरोप हैं। लिपिका मित्रा और सोमनाथ भारती की 2010 में शादी हुई थी। लिपिका मित्रा द्वारा दायर घरेलू हिंसा के मामले में भारती ने 28 सितंबर को पुलिस के समक्ष शाम को समर्पण किया था जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

ज्ञात हो कि दिल्ली की एक अदालत ने रविवार को दिल्ली के पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती को सोमवार तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी विधायक भारती को तीन दिन की पुलिस रिमांड के बाद द्वारका दंडाधिकारी की अदालत के समक्ष पेश किया था। दिल्ली पुलिस ने भारती की 14 दिनों की न्यायिक हिरासत की मांग की थी। हालांकि, भारती के वकील ने अदालत से आग्रह किया कि उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जाए और साथ ही जेल प्रशासन से दरख्वास्त की कि सोमवार को उन्हें सीधे सर्वोच्च न्यायालय ले जाया जाए। इसके बाद आज सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सोमनाथ को कोई राहत नहीं मिली है।

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