Monday, May 27, 2024
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” ओल्ड रॉक डे “

(नेहा राठौर)

आज का दिन (7 जनवरी) चट्टानों के नाम

7 जनवरी को कई देशों में ओल्ड रॉक डे के रूप में मनाया जाता है। बचपन में हो या कहें आज, दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं, जो पत्थर इकट्ठा करने का शोक रखते हैं। पत्थर, चट्टान या छोटे-छोटे कंकड़ इनका भी अपना खुद का एक अलग इतिहास होता है। एक चट्टान एक ठोस द्रव्यमान है, जो खनिजों और पदार्थों से बना होता है। पहले चट्टानों का इस्तेमाल हर जगह, हर देश में अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता था। आज भी चट्टान उतनी ही जरूरी है, जितनी की पहले थी। इसमें हथियारों से लेकर पत्थरों के औजार तक शामिल है। हर जगह छोटे-मोटे कंकड़ तो होते ही हैं। उनमें से कुछ इतने महत्वपूर्ण पात्र होते हैं, जिन्हें पहचाना और सराहा जाना चाहिए, जो ओल्ड रॉक डे पर किया जाता है। इस दिन इन चट्टानों को, उनके आकार को सराहा जाता है।

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पुरानी चट्टानें इतिहास को समझने में और पृथ्वी को अधिक जानने में मदद करती है। ये पुरानी चट्टानें पृथ्वी के निर्माण के संबंध में बहुत सारे रहस्यों का जवाब देती हैं। बहुत सारी चीजें पृथ्वी पर ऐसी हैं, जिन्हें हम महत्वपूर्ण नहीं समझते है। लेकिन इस धरती पर पड़ा एक छोटी सा पत्थर भी इतिहास की घटनाओं का गवाह होता है।

चट्टान कितनी पुरानी है, यह जानने के लिए भूवैज्ञानिक एक ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करते है। जिसे रेडियोधर्मी डेटिंग या रेडियोमेट्रिक डेटिंग के रूप में जाना जाता है।

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हर जगह का अपना इतिहास होता है। इसी तरह से भारत में भी कई चट्टान ऐसे है, जो यहां बहुत समय से है। भारत में तो आदि मानव के समय से पत्थरों का इस्तेमाल औजार बनाने में किया जाता है।

ओल्ड रॉक डे के पीछे भी एक कहानी छिपी है। इस दिन की सटीक उत्पत्ति अस्पष्ट और अपुष्ट है, लेकिन कहा जाता है कि इस दिन को पहली बार कार्टून परिवार ने “द फ्लिंटस्टोन्स” के रूप में मनाया था। इस दिन को मनाने के कई तरीके है जैसे— इस दिन छोटे बच्चों को बाहर जाने और अपनी पहली “पालतू चट्टान” की खोज करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है वो इसलिए ताकि वे अपनी पालतू चट्टान के साथ एक बंधन बना सके और भविष्य में नए रिश्तों की शुरुआत कर सके क्योंकि “पालतू चट्टान” पालतू जानवर की तरह कभी पुरानी या मरती नहीं है।

ये एक ऐसा रिश्ता होता है, जो कभी छोड़कर नहीं जाएगा। लोग और भी कई तरह से इस दिन को मनाते है जिसमें चट्टानों पर “चेहरे” को चित्रित करना और सजाने के लिए, सस्ती और मूल आभूषण के लिए कंकड़ इकट्ठा करना शामिल है।

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