Monday, May 27, 2024
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Kedarnath Dham : केदारनाथ धाम के खुले कपाट, श्रद्धालुओं ने ढोल नगाड़े बजाकर मनाया जश्न

रुद्रप्रयाग । बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल केदारनाथ धाम के कपाट मंगलवार सुबह 6:20 बजे खोल दिए। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने जमकर ढोल नगाड़े बजाए। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंदिर की 35 ¨क्वटल फूलों से भव्य सजावट की गई है। कपाटोद्घाटन का साक्षी बनने के लिए सात हजार से अधिक तीर्थयात्री केदारनाथ पहुंचे हैं।

वहीं, बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली यात्रा भी सोमवार दोपहर सेना की 6-ग्रेनेडियर रेजिमेंट की बैंड धुनों के बीच गौरीकुंड से केदारनाथ धाम पहुंच गई। सरकार ने हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा कराकर धाम में डोली यात्रा का स्वागत किया।

 

उधर, बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को सुबह 6:10 बजे खोले जाएंगे। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और पुलिस अधीक्षक डाॅ. विशाखा अशोक भदाणे धाम में कैंप किए हुए हैं। मौसम के मिजाज के चलते केदारनाथ यात्रा में चुनौतियां कम नहीं हैं। यहां मौसम आए दिन करवट बदल रहा है।

धाम व पैदल मार्ग पर दो से ढाई फीट बर्फ

बीते एक सप्ताह से लगातार बर्फबारी के चलते धाम में दो से ढाई फीट बर्फ जमी हुई है। सोमवार को भी रुक-रुककर हल्की बर्फबारी होती रही। पैदल मार्ग के पांच किमी हिस्से में लिनचोली से केदारनाथ के बीच भी बर्फ जमी हुई है और भैरव गदेरा, लिनचोली व रुद्रा प्वाइंट में हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है।

यहां लगातार बर्फ टूटकर गिर रही है। बर्फबारी के चलते केदारपुरी में न्यूनतम तापमान शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ जा रहा है। बावजूद इसके बाबा के दर्शन को पहुंचने वालों का उत्साह देखते ही बनता है।

आज शुरू हो जाएगी हेली सेवा

कपाट खुलने के साथ ही मंगलवार सुबह से केदारनाथ के लिए हेली सेवा शुरू हो जाएगी। नौ एविएशन कंपनी केदारघाटी में जाखधार, शेरसी, फाटा, नारायणकोटि, जामू और सोनप्रयाग से हेली सेवा का संचालन करेंगी। सोमवार को विभिन्न हेलीपैड से धाम के लिए ट्रायल उड़ान भरी गईं।

 

यात्रियों की मुश्किलें आसान करेगा एसडीआरएफ

केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने यात्रियों की सहायता के लिए पांच पड़ाव बनाए हैं। ये पड़ाव केदारनाथ, लिनचौली, सोनप्रयाग, अगस्त्यमुनि और रतूड़ा में बनाए गए हैं। हर पड़ाव में दो-दो दल तैनात किए गए हैं। ये दल एक पड़ाव से दूसरे पड़ाव के बीच गश्त भी करेंगे।

विशेष रूप से सोनप्रयाग, लिनचौली व केदारनाथ पैदल मार्ग के बीच ये यात्रियों की सहायता को विशेष रूप से सक्रिय रहेंगे। इन दलों को बर्फ हटाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक स्नो रिमूवर समेत आधुनिक उपकरण दिए गए हैं। इसके साथ ही पड़ाव स्थलों पर प्राथमिक उपचार के लिए दवाओं की व्यवस्था भी की गई है।

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