अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा जाट महापंचायत आयोजित

 नई दिल्ली, को दीनबन्धु सर छोटूराम जाट धर्मषाला, नांगलोई में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा आयोजित जाट महापंचायत में जिन जाट युवाओं ने 17 मार्च 2015 को माननीय उच्चतम न्यायालय का फैसला आने से पहले विभिन्न विभागों की प्रतियोगी परीक्षायें पास कर ली थी उन युवाओं को न तो सरकारी नौकरियों में Join किया जा रहा है न तो उच्च षिक्षण संस्थानों में प्रवेष दिया जा रहा है। इसी को लेकर 7 जून 2015 को आयोजित धरने के बाद माननीय वित्तमंत्री श्री अरूण जेटली जी को दिये गये ज्ञापन में यह माँग की गई थी कि इन सभी युवाओं को जल्द से जल्द नौकरयिों में Join कराया जाये और षिक्षण संस्थानों में प्रवेष दिया जाये। जिसमें माननीय अरूण जेटली जी द्वारा यह आष्वासन दिया गया था कि जल्द ही इस पर कानूनी पहलुओं को देखकर निर्णय लिया जायेगा। आज की पंचायत में आये सभी वक्ताओं ने सर्वसम्मति से एक ही निर्णय लिया कि अगर 30 जून 2015 तक इन सभी युवाओं की माँगे न मानी गई तो उसके बाद वित्तमंत्री माननीय श्री अरूण जेटली जी, गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह जी, मानव संसाधन मंत्री श्रीमती समृति ईरानी, सामाजिक न्याय मंत्री श्री थावर चंद गहलोत और संध लोक सेवा आयोग के दफतर व मंत्रियों के घरों पर धरने दिए जाएंगे व मानसून सत्र के दौरान 100 से ज्यादा सांसद जो जाट बाहुल्य क्षेत्रों से जाटों की वोट से जीतकर आए हैं उनका घेराव करने की योजना का भी खुलासा किया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से माँग न माने जाने पर माननीय प्रधानमंत्री जी के आवास पर भी धरना दिया जाएगा। इस पंचायत में आए सभी लोगों को जुलाई माह में धरने प्रदर्षनों के लिए तैयारी करने को कहा गया। इन प्रदर्षनों में उत्तर भारत के जाट बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
इस अवसर पर हरियाणा प्रदेष के अध्यक्ष धर्मपाल धारीवाल, दिल्ली प्रदेष के संयोजक माँगेलाल तेवतिया, राष्ट्रीय महासचिव पुष्पेन्द्र चैधरी, जाट धर्मषाला के प्रधान चै.सुमेर सिंह, दिल्ली प्रदेष के महासचिव रोहताष हुड्डा, युवा प्रदेष अध्यक्ष विजयमान, राम किषन जाखड़, माँगेराम राठी, राकेष मान, डा. राम निवास बवाना, जितेन्द्र राणा, सूबे सिंह ढिल्लों, विक्रम धुल, अंकुर और शुषाँत गोदारा आदि लोगों ने इस पंचायत में आपने विचार रखे।

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