भारत के प्रति दुनिया का नजरिया बदला: प्रधानमंत्री

सियोल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण के तहत आज दक्षिण कोरिया पहुंच गए। यहां पहुंचने पर उनका पूरे राजकीय सम्मान के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री समेत कई बड़े अधिकारी हवाई अड्डे पर मौजूद थे। पीएम मोदी का हवाई अड्डे पर स्वागत के लिए बड़ी संख्या में भारतीय मौजूद थे। यहां भी मोदी ने भारतीयों को निराश नहीं किया और सबसे हाथ मिलाया। अपनी इस यात्रा के दौरान वह दक्षिण कोरियाई नेतृत्व के साथ आर्थिक एवं व्यापार सहयोग को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर वार्ताएं करेंगे। इस यात्रा के दौरान कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है। इन समझौतों में दोहरा कराधान बचाव संधि, जहाजरानी एवं मालढुलाई के क्षेत्र में सहयोग, ऑडियो-वीजुअल सह-निर्माण, परिवहन, राजमार्ग एवं नवीन उर्जा उद्योगों में विद्युत उत्पादन से जुड़े समझौते शामिल हैं।

चीन की तीन दिवसीय यात्रा के बाद मंगोलिया होते हुए दक्षिण कोरिया पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी यहां के राष्ट्रपति पार्क गुन-हे के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे और विविध क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने का मार्ग तलाशेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री का कार्यक्रम बेहद व्यस्तता से भरा रहेगा। इसकी शुरूआत सोल नेशनल सेमिटरी में पुष्पांजलि अर्पित करने से शुरू हुई। यहां उन्होंने विजिटर बुक में लिखा, मैं कोरिया के उन वीर शहीदों को नमन करता हूं जिनके बलिदान ने इस महान देश को हान नदी का करिशमा बनाया और पूर्व के उजाला के रूप में पुनः स्थापित किया। साथ ही, भारत के 60वीं फील्ड हॉस्पिटल रक्षक दल के वीर जवानों के बलिदान को भी मेरा शत शत नमन, जो कोरिया युद्ध के दौरान और उसके पश्चात युद्धविराम में तैनात किए गए थे। उनका बलिदान हमारे दो देशों के बीच बने स्थायी भातृत्व का एक अप्रतिम साक्ष्य है।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के साथ वार्ताओं से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एक सामुदायिक समारोह को संबोधित किया, जिसमें भारतीय समुदाय के लगभग 1500 सदस्यों ने भाग लिया।  भारत के लिए कोरियाई निवेश को आकर्षित करने के लिए उत्सुक मोदी इंडिया-रिपब्लिक ऑफ कोरिया सीईओज फोरम को संबोधित करेंगे। इस दौरान दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति भी मौजूद रहेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री कुछ ऐसी कोरियाई कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठकें करेंगे, जो भारत में निवेश के इच्छुक हैं या पहले ही भारत में निवेश कर चुकी हैं। दोनों देशों के बीच जहाज निर्माण के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभरने के मद्देनजर प्रधानमंत्री हुंदई हेवी इंडस्ट्रीज पोत-कारखाने का भी दौरा करेंगे।

मोदी की इस यात्रा का काफी महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि बीते साल में मई में भारत में सरकार बदलने के बाद से यह भारत और दक्षिणी कोरिया के बीच होने वाली पहली आधिकारिक वार्ता है। दोनों देशों के बीच का द्विपक्षीय व्यापार 16 अरब डॉलर का है और दोनों पक्ष इसे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। 300 कोरियाई कंपनियों ने भारत में लगभग तीन अरब डॉलर का निवेश किया हुआ है। इनके भारत में लगभग 40 हजार कर्मचारी हैं। भारत ने दक्षिणी कोरिया में लगभग दो अरब डॉलर का निवेश किया हुआ है। भारतीय कंपनियां कोरिया में दवा एवं आईटी उत्पादों के क्षेत्र में ज्यादा पहुंच बनाने के लिए प्रयासरत हैं। दक्षिण कोरिया के दौरे पर मोदी की बातचीत वहां के राष्ट्रपति से होगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे। दोनों देशों के बीच साझा बयान भी जारी होगा। इसके अलावा पीएम मोदी वहां यूएन महासचिव बान की मून से भी मिलेंगे। मंगोलिया छोड़ने के दौरान उलनबटोर से उड़ान भरने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट कर मंगोलिया को स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा कि मैं यहां से बहुत सारी यादें ले जा रहा हूं। मैंने यहां आनंदपूर्वक अपने दो दिन बिताये। यह एक ऐतिहासिक दौरा रहा।

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