बिहार में जनता को न्याय नहीं मिलताः पासवान

पटना  केंद्रीय खाद्य एवं जनवितरण मंत्री और लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने बिहार में ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम’ को मात्र एक रस्म अदायगी बताते हुए आज आरोप लगाया कि इसमें लोगों की समस्याएं हल होने के बजाए वे निराश होकर लौटते हैं तथा उसमें प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई किए जाने के बजाए उसे बोरे बंद कर रख दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम’ में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल के दौरान न्याय नहीं मिलने से निराश एक विक्लांग बालिका ने अपनी कलाई की नस ब्लेड से काट ली थी और पिछले सप्ताह ऐसे ही एक कार्यक्रम में एक युवक ने मांझी की ओर जूता फेंका था। रामविलास पासवान ने ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम’ के दौरान न्याय की आस में प्रदेश के विभिन्न कोनों से आए लोगों के आवेदनों पर कार्रवाई किए जाने के बजाए उन्हें बोरे बंद कर रख दिए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस कार्यक्रम की शुरूआत दिखावे के तौर पर की थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी या तो ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम’ को प्रभावी ढंग से चलाएं या फिर उसे बंद कर दें। केवल ‘रस्म अदायगी’ से क्या हासिल है क्योंकि लोग न्याय की आस में प्रदेश के विभिन्न कोनों से यहां आते हैं पर उनके आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। पासवान ने दावा किया कि जदयू शासनकाल से निराश प्रदेश की जनता जल्द से जल्द चुनाव चाहती है ताकि उससे छुटकारा पा सके। रामविलास अपने संसदीय क्षेत्र हाजीपुर के बारे में लोजपा की एक बैठक में शामिल होने के लिए बीती रात पटना आए थे। उन्होंने आज दिल्ली रवाना होने के पूर्व पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बिहार में ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम’ मात्र एक रस्म अदायगी हो कर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें लोगों की समस्याएं हल होने के बजाए वे निराश होकर लौटते हैं तथा उसमें प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई किए जाने के बजाए उसे बोरे बंद कर रख दिया जाता है। रामविलास ने कहा कि प्रदेश सरकार की विफलता और न्याय नहीं मिलने से लोगों की नाराजगी के कारण ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम’ में आए दिन हंगामा सहित अन्य अप्रत्याशित घटनाएं घटित हो रही हैं।


Comments are closed.