ताज़ा हुई पुराने दिन की यादें

आज के ज़माने के खेल तो हम सभी को ही पता है बस एक मोबाइल या कंप्यूटर पास हो गर्दन झुकाये घंटों तक गेम्स में लगे रहते हैं और कुछ नहीं तो टीवी पर क्रिकेट ,फुटबॉल या रेस्लिंग ही देख ली आज के दौर के बच्चों को क्या पता की मिट्टी से जुड़े खेल क्या थे। पहले ज़माने में बच्चे घंटों तक अपने घरों के बाहर रस्सा कूदते, कंचे व गोटियां खेलते लट्टू चलाते तथा गुल्ली डंडा खेलते थे इन खेलों से न केवल मनोरंजन होता था बल्कि स्वास्थय भी ठीक रहता है और रस्सी कूदना( Rope jump ) खेल तो राधा किशन का भी पसंदीदा खेल था। 
 
अशोक विहार में 14 नवम्बर की शाम कुछ इस तरह गुज़री की बुजुर्ग और नौजवान लोगों ने न केवल अपना बचपन याद किया बल्कि बचपन में खेले जाने वाले खेलों को भी याद किया। इसके अलावा नयी पढ़ी को भी अपने ज़माने के खेल , गुल्ली डंडा ,  रस्सा कस्सी , लट्टू , कन्चे -गोटी जैसे तमाम खेलों से रूबरू कराया यहाँ क्षेत्र के लोगों का काफी बड़ी मात्रा में हुजूम उमड़ पड़ा था वहां उपस्थित सभी की बचपन की यादें ताज़ा हो गईं।
 
बचपन गुल्ली कार्यक्रम नाम से आयोजित इस मेले का आयोजन दिल्ली के टाटा पावर और स्थानीय लोगों, कई संस्थाओं तथा तथा RWA ने मिलकर आयोजित किया तो उन्हें भी नहीं मालूम था की इसे इतनी लोकप्रियता मिलेगी। मेले मैं कई नामी हस्तियों ने शिरकत फ़रमाई जिनमें पूनम ( चैयरमेन , सिविल लाइन ज़ोन दिल्ली नगर निगम ) ,सुरेश भारद्वाज ( बीजेपी नेता ) बड़े बड़े वीआईपी लोग, कई नेता और कारोबारी भी मौजूद थे। 
 
अशोक विहार में चल रहे मेले की यह शाम कुछ खास थी। खासकर उन उम्रदराज़ लोगों के लिए जो अपना बचपन और बचपन के खेलों को भूल चुके थे। इस मेले की खबर जैसे ही लोगों को लगी तो अशोक विहार जैसी पॉश कॉलोनी के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी इस विशाल पार्क में इन लोगों ने रस्सा कस्सी , कंचे-गोटी , लट्टू , गिल्ली डंडे , रस्सा कूद  जैसे तमाम वे खेल खेले जिन्हे आज की पीढ़ी को शायद मालूम भी नहीं है।
जाहिर है पुरानी पीढ़ी के गेम आज भले ही प्रसांगिक हो गए हो लेकिन पुरानी पीढ़ी को वही गेम अचछे लगते थे जो घर से छुप छुप के बच्चे खेला जाने वाले इन खेलों और नयी पीढ़ी ने भी नजदीक से देखा और एन्जॉय किया। 

 

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