हँसते – हँसते फाँसी पर झूल गई यह देशभक्त युवा तिकड़ी : डॉ कपिल कौशिक

23 मार्च 1931 को सेंट्रल जेल, लाहौर में शहीद भगत सिंह, शिवराम हरि
राजगुरु व सुखदेव थापर को फंसी दे दी | युवा अवस्था में ही देश के लिए
तीनो ने जान कुर्बान कर दी | भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की तिकड़ी भारत
के इतिहास में सदैव याद रखीं जायेगी | उन्होंने देश के लिए अपना सर्वत्र
न्यौछावर कर दिया  और हँसते – हँसते फाँसी पर झूल गए | यह विचार राज्य
स्तरीय सामाजिक संस्था यूथ इंडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ कपिल कौशिक ने
चिन्योट कॉलोनी के अमित मिगलानी पार्क (विजय पार्क ) पार्क में त्रिवेणी
लगाने के बाद रखे | संस्था के उपाध्यक्ष डॉ ललित, महासचिव अमित,
कोषाध्यक्ष सोनू सैन,सुरेंदर आदि ने उन्हें याद करते हुए सरकार से तीनो
की प्रतिमा शहर में स्थापित करने की मांग की |

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