सरकार धर्मान्तरण का समर्थन नहीं करती: नायडू

नई दिल्ली।  कथित जबरन धर्मान्तरण के मुद्दे को लेकर विपक्ष के विरोध का सामना कर रही सरकार ने आज लोकसभा में कहा कि न तो सरकार और न ही भाजपा ऐसी कार्रवाइयों में शामिल है और अगर कोई कानून का उल्लंघन करता है तो राज्य सरकारों को कार्रवाई करनी चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार धर्मान्तरण या पुनर्धर्मान्तरण का समर्थन नहीं करती। सदन में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस के केसी वेणुगगोपाल द्वारा यह मुद्दा उठाये जाने और कुछ अन्य दलों के सदस्यों द्वारा उनका समर्थन किये जाने पर नायडू ने कहा, ‘‘सरकार कहीं भी तस्वीर में नहीं है। पार्टी (भाजपा) कहीं भी तस्वीर में नहीं है। अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता है, तो राज्य सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार शामिल नहीं है और सरकार धर्मान्तरण या पुनर्धर्मान्तरण का समर्थन नहीं करती। पूरे देश में शांति है, कुछ लोग दुःखी हैं.. आप इसको राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहते हैं तो इसे सदन के बाहर बनाइये। आप इस तरह आरोप नहीं लगा सकते।’’ वेणुगोपाल द्वारा केरल में धर्मान्तरण के हाल के कुछ मामलों को उठाये जाने पर नायडू ने कहा कि कार्रवाई राज्य सरकार को करनी है और केरल में कांग्रेस की सरकार है। कांग्रेस सरकार को कार्रवाई करने से किसने रोका है। राज्य सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों के भारी टोकाटाकी के बीच कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हर दिन ऐसी घटनाएं …घर वापसी की घटनायें विभिन्न राज्यों में हो रही हैं। सरकार अप्रत्यक्ष रूप से इसका समर्थन कर रही है। राजद के राजेश रंजन और कांग्रेस तथा कुछ अन्य दलों के कई सदस्य अध्यक्ष के आसन के निकट आकर अपनी बात रखने लगे। हंगामा बढने पर उपाध्यक्ष एम थंबी दुरै ने सदन की कार्यवाही करीब एक बजकर 25 मिनट पर एक घंटे के लिए स्थगित कर दी।


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