संघ का एजेंडा लागू कर रही सरकार: मायावती

लखनऊ बसपा मुखिया मायावती ने केन्द्र में सत्तारुढ़ नरेन्द्र मोदी सरकार के साढ़े सात महीने के कार्यकाल को ‘अच्छे दिनों’ के वादे के विपरीत करार देते हुए आज यहां कहा कि भाजपानीत राजग सरकार आरएसएस का एजेंडा लागू करने और पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी है। मायावती ने आज अपने 59वें जन्मदिन पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रदेश में सत्तारुढ़ समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच अंदरूनी मधुर संबंध का आरोप लगाया और कहा कि प्रदेश सरकार के जनविरोधी कामों के लिए केन्द्र सरकार भी जिम्मेदार है।’’

मोदी पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा, ‘‘भाजपानीत राजग अपने प्रमुख संगठन का एजेंडा लागू करने और पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी हुई है..दलितों, पिछड़ों और धार्मिक अल्पसंख्यकों की संकीर्ण साम्प्रदायिक सोच के साथ घोर उपेक्षा हो रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकारी विभागो के काम निजी क्षेत्रों को दिये जा रहे है, जिससे दलितों और पिछड़ों को आरक्षण नहीं मिल पायेगा।’’ अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आयी भारी गिरावट की ओर इशारा करते हुए, बसपा मुखिया ने कहा, ‘‘उत्पाद शुल्क बढ़ाकर सरकार अपनी जेब तो भर रही है, पूंजीपतियों को भी फायदा पहुंचाया जा रहा है। मगर उस अनुपात में पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों को कम नहीं किया जा रहा है। सरकार को यदि फायदा हो रहा है तो उसका उपयोग गरीबी और बेरोजगारी दूर करने में किया जाना चाहिए।’’ बसपा मुखिया ने कहा कि लंदन के स्कूल आफ इकोनामिक्स में पढ़ाई के दौरान डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर हेनरी रोड स्थित जिस मकान में रहते थे, वह बिकने वाला है। उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग की कि वह उस मकान को खरीद कर वहां अम्बेडकर के नाम से कोई संग्रहालय बनवाये। मायावती ने दिल्ली के अलीपुर रोड पर स्थित उस मकान को अम्बेडकर संग्रहालय बनाने की मांग की है, जहां अम्बेडकर रहते थे। मायावती ने प्रदेश में सत्तारुढ़ समाजवादी के राज में कानून एवं व्यवस्था के ध्वस्त हो जाने का आरोप लगाया और अपने आरोपों के समर्थन में हाल ही में अलीगढ़ में पार्टी नेता धर्मेन्द्र चौधरी की हत्या, लखनऊ और उन्नाव में जहरीली शराब से बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने तथा उन्नाव के सफीपुर इलाके में परियर घाट पर गंगा में 100 से अधिक शव पाये जाने की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने परियर घाट पर ‘104 शवों’ के पाये जाने की घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।

अपने हर संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश राज में कथित अराजकता का आरोप लगाते हुए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाये जाने की मांग करती रहीं मायावती ने आज कहा, ‘‘भाजपा और समाजवादी पार्टी के अंदरुनी मधुर संबंध हैं और इसे देखते हुए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की संभावना कम ही लगती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश में व्याप्त अराजकता के लिए केन्द्र में सत्तारुढ़ भाजपानीत राजग सरकार भी बराबर की जिम्मेदार हैं।’’ बसपा मुखिया और प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आरोप लगाया कि हालात इतने खराब हैं कि औद्योगिक घराने उत्तर प्रदेश में निवेश को तैयार नहीं हैं और प्रदेश सरकार को उन्हें मनाने के लिए कभी दिल्ली तो कभी आगरा में सम्मेलन करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बसपा कार्यकर्ताओं से सपा और भाजपा के कुशासन के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह संघर्ष आगामी विधानसभा चुनाव तक जारी रहना चाहिए।


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