संकट में आपः अब पूर्व कांग्रेसी विधायक आसिफ का संजय को लेकर स्टिंग

एकओर जहां आम आदमी पार्टी के अंदर आया भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. भ्रष्टाचार के आरोप में अन्य पार्टियों के नेताओं की स्टिंग के जरिए पोल खोलने वाले आप संयोजक अरविंद केजरीवाल इस बार खुद स्टिंग के जाल में फंस चुके हैं.

ताजा प्राप्त जानकारी के अनुसार आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह के खिलाफ एक और वीडियो टेप सामने आने की खबर मिली  है। ओखला से कांग्रेस के नेता आसिफ मुहम्मद खान ने बताया कि उनके पास संजय सिंह के साथ हुई बातचीत का स्टिंग है जिसमें संजय सिंह कांग्रेस के साथ मिलकर फिर से सरकार बनाने की बात पर जोर डाल रहे थे.आसिफ ने इस मामले में मनीष सिसोदिया का नाम भी लेकर कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने भी उनसे बात की थी. फिलहाल आसिफ खान ने यह टेप जारी नही किया है लेकिन आप नेता संजय सिंह को इस बात से नकारने पर सबूत के तौर पर टेप जारी करने की बात कही है. वहीं आप नेता संजय सिंह का कहना है कि आसिफ पिछले छह महीने से टेप होने की बात कह रहे हैं. अगर सच में उनके पास कोई टेप है तो वे इसे सामने क्यों नहीं लाते ।इसबीच आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व विधायक राजेश गर्ग ने एक ऑडियो क्लिप जारी की। इस क्लिप में केजरीवाल और उनके बीच की बातचीत का ब्योरा है। ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर केजरीवाल यह कहते हुए सुने गए हैं कि कांग्रेस पार्टी के विधायक एक नया राजनीतिक दल बनाकर आप को समर्थन दे दें ताकि वह दिल्ली में सरकार बना सकें।

गर्ग का दावा है कि यह बातचीत पिछले साल की है जब राजधानी में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ था।  आम आदमी पार्टी ने ऑडियो क्लिप को खारिज करते हुए कहा कि यह पार्टी की छवि को धूमिल करने का प्रयास है। इस टेप की प्रमाणिकता का अभी तक पता नहीं लगाया गया है। इसमें केजरीवाल पार्टी के पूर्व विधायक राजेश गर्ग से कांग्रेस को विभाजित करने के लिए कहते हुए सुनाई दे रहे हैं। आप के जबाब से खिन्न राजेश गर्ग ने दिल्ली के उपमुख्मंत्री मनीष सिसोदिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो लगातार कांग्रेस के नेताओं के संपर्क में है और एक नया राजनीतिक दल बनाने और क्रांग्रेस के नेताओं को उकसा रहे थे क्योकिं अरविंद केजरीवाल दुबारा विधानसभा चुनाव के पक्ष में नहीं थे.।

गर्ग ने ऑडियो के बदले मांगा था टिकटः कुमार विश्वास

kumarvishwas11_11_01_2014

आम आदमी पार्टी की अंदरूनी कलह रुकने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस के विधायकों को तोड़कर दिल्ली में सरकार बनाने की कोशिश संबंधी अरविंद केजरीवाल के ऑडियो टेप के लीक होने के बाद रोहिणी से आप के पूर्व विधायक राजेश गर्ग द्वारा इस मामले में कुमार विश्वास को घसीटने के बाद अब विश्वास ने गर्ग पर जवाबी हमला किया है ।

गर्ग ने आशंका जताई थी कि हो सकता है कि कुमार विश्वास के यहां से टेप लीक हुआ हो, क्योंकि गर्ग का दावा है कि लीक हुई रिकॉर्डिंग सिर्फ उनके और कुमार विश्वास के पास ही थी। इसके बाद कुमार विश्वास ने गर्ग पर लपेटे में लेते हुए उन पर आरोप लगाया कि गर्ग उन्हें पार्टी टिकट के लिए ब्लैकमेल कर रहे थे।कुमार विश्वास ने ट्वीट करके गर्ग के आरोपों का जवाब दिया। विश्वास ने ट्विटर पर लिखा, असफल षडयंत्रकारी मिस्टर राजेश गर्ग जी, मैंने ऑडियो उसी दिन पार्टी को फॉरवर्ड कर दिया था, जिस दिन आपने मुझे उसके जरिए ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। तब आप इस ऑडियो के बदले विधानसभा टिकट चाहते थे…याद आया? आपको टिकट देने से इनकार कर दिया गया था। अब आप जो चाहें करने के लिए आजाद हैं।पिछले साल के दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी की तरफ से रोहिणी से जीते थे, लेकिन इस बार उन्हें टिकट नहीं मिला था।

वो चेहरे जो योगेंद्र व प्रशांत के साथ है

योगेंद्र और प्रशांत को बाहर करने का प्रस्ताव पार्टी में बहुमत से पास हुआ। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आठ वोट योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के पक्ष में और 11 वोट विरोध में पड़े। बताया जा रहा है कि योगेंद्र और प्रशांत के पक्ष में आप के नेताओं-आनंद कुमार, क्रिस्टिना सैमी, योगेश दहिया, सुभाष वारे, अजीत झा, राकेश सिन्हा ने वोट दिए।उनका मत था कि योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण कई दिनों संयोजक अरविंद केजरीवाल से नाराज चल रहे थे। दोनों ने पार्टी के काम करने के तरीके को लेकर सवाल उठाए थे और इसमें बदलाव की मांग भी की थी। इसके बाद आम आदमी पार्टी दो खेमों में बंटती नजर आई। केजरीवाल समर्थक खेमे के नेताओं ने भूषण और योगेंद्र के खिलाफ जमकर बयानबाजी की थी।

anand-kumarआनंद कुमार: योगेंद्र और प्रशांत के पक्ष में वोट देने वाले आनंद कुमार जेएनयू में समाजशास्त्र के प्रोफेसर हैं। साथ ही वे छात्रों के साथ कई सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं। वे आम आदमी पार्टी के एग्जीक्यूटिव मेंबर्स में भी शामिल हैं। 2014 लोकसभा चुनावों में वो आप के टिकट पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली से चुनाव भी लड़ चुके हैं। जहां उन्हें बीजेपी के मनोज तिवारी ने हराया था।

 

christina-samyक्रिस्टिना सैमी: तमिलनाडु में रेत माफिया के खिलाफ आंदोलन चलाने वालीं क्रिस्टिना सैमी आम आदमी पार्टी का एक बड़ा चेहरा हैं। उन्होंने तमिलनाडु में वुमन फ्रंट नाम से एक पोलीटिकल पार्टी का भी निर्माण किया है। ये पार्टी पंचायत चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक लड़ चुकी हैं। आप की पहली नेशनल एक्जीक्यूटिव में केवल दो महिलाएं थीं। उनमें से एक क्रिस्टीना भी थीं। दूसरी महिला नेता शाजिया इल्मी थीं, जो अब भारतीय जनता पार्टी में हैं।

 

yogrsh-dahiyaयोगेश दहिया: योगेश उत्तर प्रदेश के किसानों के एक बड़े नेता हैं। उन्होंने गन्ना किसानों की मांग को लेकर हमेशा आवाज बुलंद की है। योगेश ने गन्ना किसानों को उनकी मेहनत की सही कीमत दिलाने के लिए जमीनी और कानूनी लड़ाई लड़ी है। 2014 लोकसभा चुनाव में योगेश सहारनपुर से पार्टी प्रत्याशी थे। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। साइंस ग्रेजुएट योगेश दहिया पहले तो अन्ना हजारे के आंदोलन से जुड़े, बाद में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बनाए गए। लोकसभा चुनाव के दौरान उनपर किसनों के मुआवजे के 300 करोड़ हड़पने के भी आरोप लगे थे।

अजीत झा: अजीत झा दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हैं। उन्हें प्रोफेसर झा के नाम से भी जाना जाता है। वे लोक राजनीति मंच से जुड़े हुए और पंचायती राज प्रणाली के लिए काफी वक्त से काम कर रहे हैं। साथ ही वे समाजवादी जन परिशद नाम की पार्टी से भी जुड़े हुए हैं।

सुभाष वारे: सुभाष महाराष्ट्र में स्टूडेंट्स संगठन चत्राभारती के अध्यक्ष हैं। उन्होंने सरकार के खिलाफ कई आंदोलन चलाए। आम आदमी पार्टी से जुड़ने के बाद सुभाष ने भारतीय राजनीति में बदलाव के लिए काम करना शुरु किया।

राकेश सिन्हा: राकेश सिन्हा भी आम आदमी पार्टी के अंडरग्राउंड रणनीतिकारों में से एक माने जाते हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी को मिली भारी सफलता में उनका भी हाथ माना जाता है।

Comments are closed.