राजस्थान में बेमौसम आई प्राकृतिक आपदा

सांसदगण मिले केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह से,पीएम व वित्त मंत्री जी को दिया ज्ञापन।

राजस्थान के 26 जिलों में बरपी प्राकृतिक आपदा।
गेहूं, सरसों, मैथी, धनिया, जीरा, ईसबगोल, लहसुन, तारामीरा, सौंफ, अफीम आदि फसलें हुई बर्बाद।
किसानों के क्रेडिट कार्ड व अन्य सहकारी ऋण माफ किए जाऐं।
केन्द्र सरकार करे बिजली कम्पनियों को किसानों के बिलों का भरण।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ नियमों की हो पुर्नसमीक्षा, नियमों में शिथिलता देकर पीडित किसानों को दी जाए आर्थिक सहायता।
केन्द्रीय स्तर पर होगा नुकसान का आंकलन, शीर्ष अधिकारियों की टीम जाएगी आपदाग्रस्त जिलों मेंरू कृषि मंत्री
किसानों के ऋण माफी के लिए वित्त मंत्री जी को लिखेंगे पत्ररू कृषि मंत्री
नई दिल्ली। राजस्थान के 26 जिलों में ओलावृष्टि से हुए नुकसान से चिंतित राजस्थान के सांसदों के समूह ने केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह जी से मुलाकात कर चिंता व्यक्ति की तथा किसानों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। सांसद सदस्यों में श्री भूपेन्द्र यादव, श्री दुष्यन्त सिंह, श्री ओम बिरला, श्री पी.पी. चैधरी, श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, श्री सी.आर. चैधरी, श्री राहुल कस्वां, श्रीमती संतोष अहलावत, श्री मनोज राजौरिया व श्री सुमेधानन्द सहित अन्य कई सांसद उपस्थित रहे। सांसदों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी व वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली को भी ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया।
सांसद श्री भूपेन्द्र यादव ने बताया कि राजस्थान के 26 जिलों में असमय हुई तेज अंधड के साथ भारी बारिश व ओले गिरने के कारण किसानों की फसलें विशेषकर गेहूं, सरसों, मैथी, धनिया, जीरा, ईसबगोल, लहसुन, तारामीरा, सौंफ, अफीम आदि फसलें बडी मात्रा में खराब हो गई है। प्रकृति की यह मार किसानों पर उस समय पडी है जब वह खेती संबंधित समस्त लागत लगा चुका है और फसल लगभग पककर कटने को तैयार थी।
सांसद श्री दुश्यन्त सिंह ने अनुरोध किया है कि एसडीआरएफ व एनडीआरएफ नियमों में षिथिलता देकर पीडित किसानों को सहायता दी जाए। पीडित किसानों से बिजली बिल को माफ किया जाए तथा उसका भरण केन्द्र सरकार द्वारा किया जाए। साथ ही किसानों के क्रेडिट कार्ड व अन्य सहकारी ऋण माफ किए जाऐ तो आपदा से टूट चुके किसानों को संबल प्रदान किया जा सकता है।
सांसदों ने कृशि मंत्री श्री राधामोहन सिंह जी को एसडीआरएफ व एनडीआरएफ के अन्तर्गत दी जा रही सहायता पर पुर्नसमीक्षा की आवष्यकता के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि उक्त एसडीआरएफ व एनडीआरएफ में सहायता हेतु वर्श 2010 से 2015 तक की अवधि के लिए जो नवीन मानदण्ड जारी किए गए हैं उनमें कीमतों की वृद्धि के कारण प्रभावितों को राहत देने के लिए पडने वाले प्रभावों पर विचार नहीं किया गया। फलस्वरूप कीमत वृद्धि के कारण प्रदान की गई राहत से प्रभावितों को वास्तविक लाभ कम होगा। अतः संषोधित किए गए मानदण्डों को मूल्य सूचकांक से जोडकर दिया जाए ताकि राहत का वास्तविक लाभ प्रभावितों को मिल सके। एसडीआरएफ व एनडीआरएफ नाॅम्र्स में ओलावृश्टि, पाला व षीतलहर की दृश्टि में 50 प्रतिषत या अधिक फसल खराब होने पर ही कृशि आदान सहायता दी जाती है जिसके कारण बडी संख्या में किसान सहायता से वंचित रह जाते हैं।
केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह जी ने भी स्थिति को गंभीर माना। उन्होंने आष्वासन दिया है कि अधिकारियों की एक टीम को आपदाग्रस्त जिलों में भेजा जाएगा तथा नुकसान का आंकलन करके किसानों को षीघ्र मुआवजा दिया जाएगा। श्री राधामोहन सिंह किसानों के ऋण माफी के लिए षीघ्र ही वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली जी को पत्र लिखकर अवगत कराऐंगे।

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