युवा, राजनीति व सोशल मीडिया पर चर्चा

नईदिल्ली । नया मीडिया मंच की ओर से ग्वायर हॉल छात्रावास (दिल्ली विश्वविद्यालय) में युवा, राजनीति और सोशल मीडिया विषय पर राष्ट्रीय संविमर्श का आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम को शलभ मणि त्रिपाठी , डॉ सौरभ मालवीय , पंकज कुमार झा ,पूजा शुक्ला, अमरनाथ, शिवानन्द द्विवेदी सहर, प्रतीक बटोही, प्रभांशु ओझा एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के अनेक शोध-छात्रों ने संबोधित किया।
संविमर्श के विषय पर जमकर विमर्श हुए। सवाल भी खड़े किए गए। एक वक्तव्य में कहा कि इंटरनेट राजनीतिक परिवर्तन और लोकतांत्रीकरण की प्रक्रिया को तेज कर रहा है। सोशल मीडिया ने जन-अभिव्यक्ति को सहज-सरल बना दिया है। सवाल खड़ा करने और असहमति व्यक्त करने का यह अच्छा मंच है। अब युवा आंदोलन के तेवर बदले हैं। जिंदाबाद-मुर्दाबाद करने का तौर-तरीका बदला है। जेसिका लाल हत्याकांड में इंटरनेट के जरिए ईमेल, एसएमएस और ऑनलाइन आवेदन कर आंदोलन को तेज किया गया। गांधीजी के स्कूल-कॉलेज बहिष्कार आंदोलन में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आपातकाल विरोधी आंदोलन से लेकर अन्ना आंदोलन तक में युवाओं की सशक्त भागीदारी रही। सामाजिक बदलाव ही नहीं तो सोशल मीडिया राजनीतिक बदलाव का भी जरिया बना।
इसमें कहा गया कि केंद्र से लेकर दिल्ली चुनाव तक में। आगे हमने कहा कि आज ढेरों चुनौतियां है। देश के नाम से लेकर, राष्ट्रगीत, राष्ट्रभाषा, राष्ट्रीयता…सब पर विवाद है। युवाओं को आगे आकर सब पर सोचना होगा। साथ ही मैंने कहा कि मुख्यधारा के मीडिया की आलोचना होनी चाहिए लेकिन साथ ही साथ वेब, ब्लॉग और सोशल मीडिया में अपनी बात निरंतर रखनी चाहिए, ताकि मीडिया का वैकल्पिक माध्यम निरंतर मजबूत होता रहे। और अब तो खुशी की बात है कि गूगल ने भी हिंदी वेबसाइट को विज्ञापन देना शुरू कर दिया है। बहुत सुंदर कार्यक्रम संपन्न हुआ। सबसे मिलना हुआ। कार्यक्रम के बाद हॉस्टल में सहभोज भी हुआ।

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