यमन से 4,741 भारतीयों को सुरक्षित लाया गया: सुषमा

 नयी दिल्ली  युद्धग्रस्त यमन गणराज्य में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाये गए अभियान ‘राहत’ को अत्यंत सफल करार देते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज कहा कि न केवल 4,741 भारतीय नागरिकों बल्कि अत्यंत कठिन परिस्थितियों में 48 देशों के 1,947 विदेशी नागरिकों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया जिसकी अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सराहना की है। विदेश मंत्री ने कहा कि यमन में फंसे लोगों को निकालने के दौरान हमने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना से काम किया। सुषमा स्वराज ने ‘यमन गणराज्य में हाल में हुए घटनाक्रमों और वहां से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए किये गए प्रयासों’ के बारे में लोकसभा में दिये अपने बयान में कहा कि यमन में सितंबर 2014 से ही राजनैतिक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था दिनोंदिन बदतर होती जा रही है। भारत सरकार यमन के आंतरिक घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखे हुए है। यमन के आंतरिक हालात से हमारे नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण पर भी असर पड़ा है। सुषमा ने कहा, ‘‘हमने तत्काल अपेक्षित उपाए किये ताकि हमारे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हमने स्थानीय यमनी एजेंसियों एवं क्षेत्र की अन्य सरकारों के साथ सम्पर्क साधा क्योंकि गठबंधन सैन्य बलों द्वारा यमन के क्षेत्र पर उड़ान वर्जित क्षेत्र बनाये जाने और समुद्री मार्गो को बाधिक किये जाने के कारण निकासी प्रक्रिया जटिल हो गई थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘18 अप्रैल 2015 तक 4741 भारतीय और 1947 विदेशियों समेत 6,688 लोगों को इस अभियान में हवाई और समुद्री मार्गो द्वारा निकाला जा चुका था। यह विदेश मंत्रालय की देखरेख और समन्वय से अनेक भारतीय मंत्रालयों और एजेंसियों का संयुक्त प्रयास था।’’ विदेश मंत्री ने कहा कि सना में सुरक्षा की बदतर होती जा रही स्थिति और निकासी प्रक्रिया के सफल समापण के बाद हमने अपना दूतावास जिबुती में स्थानांतरित कर लिया है। यमन में स्थिति सामान्य हो जाने तक हमारा दूतावास जिबुती में कार्य करता रहेगा।

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