भारत ताकत का उपयोग करने को तैयार रहे: प्रणब

तेजपुर। उपमहाद्वीप को पेश आने वाले विभिन्न खतरों के प्रति सचेत करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज कहा कि भारत के लिए प्रभावी प्रतिरोधक और मजबूत प्रतिरक्षा जरूरी है ताकि विकास को बढ़ावा दिया जा सके और साथ ही उसे जरूरत पड़ने पर अपनी ताकत का उपयोग करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। तेजपुर एयरफोर्स बेस पर प्रणब ने कहा, ”आज हमारा देश सभी क्षेत्रों में विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। जहां देश आगे बढ़ रहा है और सभी क्षेत्रों में विकास कर रहा है, तब उपमहाद्वीप को विभिन्न खतरों का सामना करना पड़ रहा है विशेष तौर पर सरकार से इतर तत्वों (नान स्टेट एक्टर) से।’’ राष्ट्रपति ने कहा, ”शांति और सौहार्द को बनाये रखने और सर्वागीण विकास के लिए यह जरूरी है कि हमारे पास प्रभारी प्रतिरोधक और मजबूत प्रतिरक्षा हो।’’

सशस्त्र सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति ने कहा कि एक राष्ट्र के तौर पर भारत शांति को पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, ”अगर जरूरत पड़े तब हमें अपने देश की संप्रभुत्ता की सुरक्षा के लिए अपनी शक्ति का उपयोग करने के लिए तैयार रहना चाहिए।’’ प्रणब ने कहा, ”हम एक ऐसे राष्ट्र हैं जो सभी क्षेत्रों में समानता में विश्वास करते हैं। हमारे समक्ष जो महिलाएं एवं पुरूष खड़े हैं, वे इस मकसद के प्रति हमारी दृढ़ता और प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। इस पथ पर आगे बढने के लिए मुझे अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है।’’

इससे पूर्व, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 115 हेलीकाप्टर इकाई और भारतीय वायु सेना के 26 स्क्वाड्रन को युद्ध एवं शांति दोनों काल में उनकी नि:स्वार्थ समर्पण और अभूतपूर्व प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रपति मानक प्रदान किया। वायु सेना इकाई के लिए राष्ट्रपति मानक सर्वश्रेष्ठ सम्मानों में माना जाता है और यह सामरिक रूप से महत्वपूर्ण तेजपुर वायु सेना अड्डे पर एक भव्य पैरेड के दौरान प्रदान किया गया। समारोह के दौरान सारंग हेलीकाप्टर और सुखोई लड़ाकू विमानों ने करतब दिखाए जिसमें वायु सेना प्रमुख अरूप राहा भी मौजूद थे। राष्ट्रपति ने कहा, ”विशिष्ठ वायु इकाई का गौरवशाली अतीत रहा है और पेशेवर उत्कृष्ठता की समृद्ध परंपराओं का वाहक रहा है। इसकी शुरूआत से इसने राष्ट्र की बड़ी सेवा की है और हमें गौरवान्वित किया है।’’ प्रणब ने कहा, ”इनकी समृद्ध धरोहर और उत्कृष्ठता के क्षेत्र में शानदार प्रयास दूसरों के लिए अनुकरणीय हैं। इनका नि:स्वार्थ समर्पण, पेशेवर रूख और प्रतिकूलता के बीच साहस के प्रदर्शन के मद्देनजर राष्ट्र आज इन्हें गहरे कृतज्ञता के भाव और सराहना के साथ सम्मानित कर रहा है।’’ भारतीय वायु सेना की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि कन्याकुमारी से हिमालय तक वायु सेना के योद्धाओं का जुझारूपन और लचीलापन पूरे राष्ट्र के लिए अत्यंत गर्व का स्रोत रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा, ”इनकी ओर से पिछले कुछ दशकों में प्रदर्शित उत्कृष्ठ पेशेवर रवैया, दृढ़ता और प्रतिबद्धता काफी मूल्यवान है। इनके उत्कृष्ठ प्रदर्शन को भारत और विदेशों में भी मान्यता मिली है।’’ गौरतलब है कि 115 हेलीकाप्टर इकाई का गौरवशाली परिचालनात्मक रिकार्ड रहा है। इसका गठन अप्रैल 1967 में एमआई 4 हेलीकाप्टरों के साथ किया गया था। 1971 में भारत पाक युद्ध के दौरान इकाई ने सेना के हमलों में सहयोग, हताहतों को निकालने और बचाव एवं तलाशी अभियान में सहयोग किया था। इसने 1975 में बिहार में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाया था। 26 स्क्वाड्रन का गठन जनवरी 1968 में आदमपुर में हुआ था और यह पहला स्क्वाड्रल है जिसे सुखोई 7 विमानों से लैस किया गया था। इस स्क्वाड्रन ने 1971 के भारत पाक युद्ध में सक्रियता से हिस्सा लिया था।


 

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