नवरात्र में बढ़ी फलों की कीमतें

चैत्र नवरात्र में इस बार फलों की कीमतों में तेजी से उछाल देखा जा रहा है। ऐसे में नवरात्र का व्रत रखने वाले भक्तों को फलाहारी आयटम में फल खरीदने में 40 से 50 फीसदी अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। व्यापारियों की मानें तो मांग का दबाव काफी है और स्टोरों में माल की कमी है। ऐसे में इसका असर इनकी कीमतों पर देखा जा रहा है।
राजधानी में केला 50 रुपए दर्जन बिक रहा है, जबकि अंगूर 80 से 100 रुपए किलो तक के भाव में बिक रहे हैं। वहीं, सेब की कीमतें तो आसमान पर जा पहुंची हैं। इन दिनों सेब मार्केट में 150 रुपए किलो तक भी बिक रहा है। फल व्यापारी रामप्रसाद बताते हैं कि फलों की अधिक खपत होने के कारण कीमतों में वृद्धि हुई हैं, वहीं दूसरी ओर विभिन्न फलों की गाड़ियां न आने की वजह से भी माल की कमी देखी गयी है।
यह भी हुआ महंगा
महंगाई की मार से आम आदमी का बजट पहले से बिगड़ा हुआ है। ऐसे में नवरात्र के अवसर पर देवी भक्तों का व्रत रखना भी महंगा हो गया है। फलों की कीमतों में ही इजाफा नहीं हुआ, बल्कि व्रत में खाई जाने वाली अन्य सामग्री पर भी महंगाई ने असर दिखाया है। चीनी, पूजन सामग्री, फल और मेवों की कीमतें दस फीसदी तक बढ़ गई हैं। व्रत रखने वालों के लिए लौकी की बर्फी प्रमुख फलाहार हुआ करता है। ऐसे में लौकी की कीमतों में भी इजाफा देखा गया है। वहीं व्रत में प्रयोग होने वाले सिंघाड़े के आटे में भी पांच से 10 रुपये का इजाफा हुआ है।
क्या कहते हैं व्रतधारी
नवरात्र में व्रत रखने वाले राजेंद्र बताते हैं कि इस बार फलों की कीमत इतनी ज्यादा हो गई है कि अब पहले जितने फल खरीदते थे, इस सीजन उसके आधे भी नहीं खरीद पा रहे हैं। वहीं फल खरीदने पहुंची देवी भक्त सुजाता बताती हैं कि वे नवरात्र में हर बार व्रत जरूर करती हैं। इस बार फलों की कीमतों में इतनी उछाल के चलते व्रत में अन्य चीजों का प्रयोग करना मजबूरी हो गयी है।

 

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