देश के हर शहर का श्वेत पत्र निकालें: वेंकैया नायडू

नई दिल्ली। केन्द्रीय आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन तथा शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने शहरी शासन में गिरावट पर गहरी चिंता जताते हुए राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों को आगाह किया कि वे इस क्षेत्र में उभर रही चुनौतियों से कड़ाई से निपटें। साथ ही उन्होंने कहा कि देश के हर शहर का श्वेत पत्र निकालें। वह शुक्रवार को यहां राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शहरी बेघर लोगों को छत प्रदान करने से संबंधित समस्याओं पर चर्चा करने की बात कही। नायडू ने जनता केंद्रित शहरी योजना की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को हर शहर का पूर्ण विवरण, राजस्व, व्यय जमीन की उपलब्धता, पानी और ऊर्जा की योजनाएं जो प्रस्तावित हो या लागू हो, संसाधन की जरूरत, कर संरचना और प्रस्तावित प्रोत्साहन जो कि लोगों को शहरी विकास में शामिल कर सके, पर श्वेत पत्र निकालें। बेहतरीन निगम प्रशासन की जरूरत पर बल देते हुए नायडू ने कहा कि इसके लिए विशेष निगम कैडर बनाने होंगे। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि निगम प्रशासन को एक विशेष तंत्र बनाना चाहिए जैसे कि भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

वेंकैया नायडू ने कहा कि अगला वर्ष देश के आर्थिक विकास के लिए बहुत ही क्रूर साबित हो सकता है क्योंकि इस दौरान बेहतर शहरी शासन को सुदृढ़ करना होगा क्योंकि 75 फीसदी सकल घरेलू उत्पाद शहरों से ही आते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए शहरी शासन को संस्थागत तौर पर मजबूत करना होगा। इसके अलावा शासकीय बदलाव, शहरी स्थानीय निकायों को ज्यादा कारगर बनाने के लिए ज्यादा शक्तियां देनी होगी। शहरी शासन स्मार्ट और असरकारक बने इसके लिए ये कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा, नए शहरों के विकास के लिए भारी मात्रा में निजी निवेश की जरूरत है, आवास के मोर्चे पर उत्तरदायी और पारदर्शी निर्णय लेने होंगे। वेंकैया नायडू ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से आह्वान किया कि वे जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन योजना को लागू करने में सक्रियता दिखाएं ताकि शहरी आवास विकास लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि केन्द्र सरकार केंद्र प्रायोजित योजनाओं में छूट देगी। मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शहरी एवं आवास विकास की योजना बनाते समय प्रकृति और स्थानीय संस्कृति का विशेष तौर पर ध्यान रखें ताकि शहरी जीवन बेहतर बनाया जा सके। शहरी बेघरों को छत उपलब्ध कराने संबंधी उच्चतम न्यायालय के आदेश के आलोक में आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय शीघ्र ही न्यायालय में शपथ पत्र दायर करेगा।

 

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