दिल्ली वालों को ‘आप’ का प्रयोग महंगा पड़ा: अरुण जेटली

नई दिल्ली । मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल नजीब जंग के बीच तनातनी बढ़ने के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि आप के साथ लोगों का प्रयोग ‘काफी महंगा’ पड़ गया है, साथ ही दिल्ली में सत्तारूढ़ पार्टी से अपनी जिम्मेदारियों को समझने को कहा क्योंकि वह ऐतिहासिक जनादेश के साथ सत्ता में आई है। जेटली ने कहा, ”चुनाव में दिल्ली के लोगों ने एक नयी पार्टी के साथ प्रयोग किया लेकिन यह काफी महंगा प्रयोग रहा क्योंकि शासन उनके एजेंडे में ही नहीं है।’’ दिल्ली प्रदेश भाजपा की कार्यकारी समिति की बैठक को संबोधित करते हुए जेटली ने यह बात कही। केजरीवाल और जंग के बीच तनातनी और आप सरकार से जुड़े विवादों के बीच जेटली ने कहा कि दिल्ली के लोग शासन व्यवस्था चाहते हैं और सत्तारूढ़ पक्ष को इस बात को समझना चाहिए। उन्होंने कहा, ”पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में जो कुछ हो रहा है, ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में यह और पीड़ादायक हो सकता है। आप सरकार काफी बड़े जनादेश के साथ बनी। उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। लोग शासन चाहते हैं और विवाद नहीं। इसलिए उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए और लोगों की उम्मीदों को पूरा करना चाहिए।’’ जेटली ने कहा कि दिल्ली वैश्विक शहर बन सकता है क्योंकि यहां कारोबार और पर्यटन की बड़ी संभावनाएं हैं। उल्लेखनीय है कि दिल्ली के कार्यकारी मुख्य सचिव के रूप में शकुंतला गामलिन की नियुक्ति को लेकर आप और जंग के बीच द्वन्द्व की स्थिति पैदा हो गई है और मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि उपराज्यपाल प्रशासन को अपने हाथ में लेने का प्रयास कर रहे हैं। केजरीवाल के कड़े विरोध के बावजूद जंग ने शुक्रवार को गामलिन को इस पद पर नियुक्त कर दिया। वहीं, आप सरकार ने सोमवार को सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उपराज्यपाल या उनके कार्यालय की ओर से जारी आदेश या लिखित निर्देश के बारे में मुख्यमंत्री या मंत्री को बताएं। उधर, उपराज्यपाल ने अपना रूख सख्त करते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के स्थानांतरण और नियुक्ति के मामले में वह मुख्य प्राधिकार हैं।

 

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