दक्षेस शिखर सम्मेलन के लिए नेपाल पहुंचे मोदी

काठमांडो।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षेस देशों की दो दिवसीय शिखर बैठक में भाग लेने के लिए आज यहां पहुंचे। मोदी बुधवार से शुरू हो रहे सम्मेलन में इस क्षेत्रीय मंच को एक नयी गति प्रदान करना चाहते हैं क्योंकि वह कह चुके हैं कि पड़ोसी देशों के साथ निकट संबंध बनाना उनकी सरकार की एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। मोदी का यहां पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया है। उन्हें सैनिक सलामी दी गयी तथा बालिकाओं के एक समूह ने उनके स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।प्रधानमंत्री मोदी के काठमांडों के आधिकारिक कार्यक्रमों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ मुलाकात का जिक्र नहीं है पर वह यहां अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी, बांग्लोदश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे और अन्य नेताओं से अगल अलग मिलने वाले हैं। मोदी ने काठमांडो के लिए प्रस्थान करने से पहले अपने वक्तव्य में कहा कि कहा कि पड़ोसियों के साथ करीबी संबंध बनाना उनकी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मौके पर उनकी दक्षिण एशियायी देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों के साथ अगल अलग बातचीत होने की उम्मीद है।

मोदी 26-27 नवंबर को होने वाले सम्मेलन के दौरान विभिन्न मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट करेंगे। वह इस सम्मेलन के दौरान यहां एकत्रित होने वाले दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संघ (दक्षेस) के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों के साथ अलग से द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे। मोदी ने कहा, ‘‘हालांकि यह मेरा पहला दक्षेस सम्मेलन है लेकिन पिछले छह महीने में अपने शपथ-ग्रहण समारोह के दौरान दक्षेस देशों के नेताओं की मंगलमय उपस्थिति में उनके साथ विस्तार से बातचीत की थी। अपने पड़ोसियों के साथ करीबी संबंध बनाना मेरी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।’’ उन्होंने कहा कि सम्मेलन की विषय-वस्तु ‘शांति और संपन्नता के लिए और व्यापक क्षेत्रीय एकीकरण’ है और भारत ने हमेशा दक्षिण एशियाई क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास के हर स्तर पर व्यापक क्षेत्रीय एकीकरण को महत्व देने पर जोर देता रहा है।

Comments are closed.