जम्मू कश्मीर में खुद सरकार बनाना चाहते हैं: शाह

मुंबई। भाजपा ने आज कहा कि जम्मू कश्मीर में जनादेश उसके साथ है और वह खुद सरकार बनाना चाहती है। उसने कहा कि सरकार गठन को लेकर पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस से बातचीत अभी जारी है। पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने यहां प्रेस वार्ता में जम्मू कश्मीर में भाजपा के पीडीपी या नेशनल कांफ्रेंस से मिल कर सरकार गठन के बारे में किए गए प्रश्नों के उत्तर में कहा, ‘‘अभी तय नहीं है। हम खुद सरकार बनाना चाहते हैं। भाजपा के पक्ष में जनादेश है। अभी दोनों पार्टियों से बात चल रही है।’’ उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में भाजपा सबसे ज्यादा वोट प्राप्त करके सबसे बड़ी पार्टी बनी है। उन्होंने कहा कि पार्टी को राज्य विधानसभा चुनाव में 25 सीटों के साथ सबसे अधिक वोट प्रतिशत मिला है। जम्मू में शानदार प्रदर्शन करने वाली भाजपा को कश्मीर घाटी में एक भी सीट नहीं मिलने के प्रश्न पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह ‘‘एक विकृत विश्लेषण है।’’ धर्मान्तरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा जबरन धर्मान्तरण के खिलाफ है और चाहती है कि धर्म परिवर्तन के विरूद्ध देश में कानून बने। मीडिया से उन्होंने कहा कि जो दल धर्मान्तरण कानून बनाने पर सहमत नहीं है, वह उन पर दबाव बनाए। शाह ने सवालों के जवाब में कहा, ‘‘भाजपा ने अपना रूख पहले ही स्पष्ट किया है। हम जबरन धर्मान्तरण के पक्ष में न पहले कभी रहे और न आज हैं। संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने संसद में सुझाव दिया है कि धर्मान्तरण के विरूद्ध कानून बनना चाहिए। इस सुझाव पर आम राय बननी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मीडिया को भी चाहिए कि जो दल इस सुझाव से सहमत नहीं हैं उन पर वह दबाव डाले। हम कानून बनाना चाहते हैं। समाज कानून से चलेगा। इससे अपने आप धर्मान्तरण रूक जाएगा।’’ उनसे सवाल किया गया था कि क्या धर्मान्तरण बंद होगा और आने वाले दिनों में आरएसएस ऐसा कराएगी? आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘पीके’ पर प्रतिबंध लगाने की कुछ हिन्दू संगठनों और संतों की मांग के बारे में शाह ने कहा, हमारे यहां विचारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। हर व्यक्ति को अपने विचार व्यक्त करने की आजादी है। ‘‘लेकिन जहां तक मेरा सवाल है, मैं इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।’’ फर्जी मुठभेड़ में सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति की हत्या मामले से अदालत द्वारा भाजपा अध्यक्ष को दोषमुक्त किए जाने के बारे में कोई भी टिप्प्णी करने से इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहेंगे और उनके वकील और पार्टी बात रखेंगी।  नरेन्द्र मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि संप्रग सरकार के चलते शासन के प्रति जनता का विश्वास पूरी तरह समाप्त हो गया था लेकिन नयी सरकार ने उसे पुन: बहाल किया। उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार में विश्वास बहाली का ही नतीजा है कि लोकसभा चुनाव के बाद हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने कहा कि संप्रग के दस साल के शासन में सरकार के इकबाल जैसी कोई बात नहीं रह गई थी। उस काल में 150 से अधिक मंत्रियों के समूह गठित किए थे जो इस बात का द्योतक थे कि कोई मंत्रालय काम नहीं कर रहा था और हर मंत्री प्रधानमंत्री बना हुआ था। शाह ने दावा किया कि मोदी सरकार में सभी मंत्रालय सरकार की नीतियों के अनुरूप स्वतंत्र रूप से कार्य करने को आजाद हैं।


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