कोयला और खनिज विधेयक को लेकर राज्यसभा में हंगामा

नई दिल्ली। राज्यसभा में आज कोयला और खनिज विधेयक को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने कोयला और खनिज विधेयक का विरोध शुरू कर दिया। इस बीच प्रवर समिति की रिपोर्ट पेश की गई जिसके आते ही सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने विरोध किया। विपक्षी दलों के विरोध का भाजपा ने नियमों का हवाला देकर जवाब दिया।
राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही करीब 11 बजे प्रवर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र यादव ने खनिज और कोयला विधेयक पर रपट पेश की। रपट पेश होते ही गुलाम नबी आजाद ने विरोध जताते हुए कहा कि उनके सुझावों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आजाद के विरोध करने पर बाकी विपक्षी दलों के सदस्यों ने भी उनके सुर में सुर मिलाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। इस विधेयक पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि विधेयक के लिए नियमों के तहत काम नहीं किया गया है। सम्पूर्ण विपक्ष के एक हो जाने से हंगामा होते देख सदन की कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी गयी।
संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि विपक्ष का विरोध नियम के खिलाफ है। जब तक विधेयक पेश नहीं होता, उसका विरोध कैसा किया जा सकता है। एक बार विधेयक पेश हो जाए तो विपक्ष उस पर अपनी राय रख सकता है।
गौरतलब है कि केंद्र की मोदी सरकार बजट सत्र दो दिन और बढ़ा सकती है। कैबिनेट की संसदीय मामलों की समिति की बैठक में फैसला किया गया है कि यदि कोयला एवं खनिज विधेयक के पारित होने में विलंब होता है तो संसद के चालू सत्र को 24 मार्च तक बढ़ाया जा सकता है।

Comments are closed.