इजराइल में लिकुड पार्टी ने जीता चुनाव, नेतन्याहू फिर बनेंगे प्रधानमंत्री

यरूशलम। इजराइल में प्रधानमंत्री नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने अपनी मुख्य प्रतिद्वंद्वी मध्य-वाम जिओनिस्ट यूनियन एलायंस को हराकर आम चुनाव जीत लिया है। लिकुड पार्टी को 30 सीटें और 23 प्रतिशत वोट मिला है। इस तरह नेतन्याहू चौथी बार यहां के प्रधानमंत्री बनेंगे। ज़ायोनेस्ट यूनियन को 24 सीटें और कुल 19 प्रतिशत वोट मिले।
इन दोनों पार्टियों अतिरिक्त ज्वाइंट अरब लिस्ट ने 13, येश अतिद ने 11, कुलानु ने 10, बायित येदुदि ने आठ, शास ने सात, युनाइटेड तोराह जुडैज्म ने सात, यिराइल बेतेनु ने छह और मेरेट्ज ने चार सीटें जीती हैं। इजराइली संसद नैसेट में कुल 120 सीटें हैं।
यह चौंकाने वाला परिणाम है क्योंकि गत शुक्रवार को आए चुनाव पूर्व सर्वेक्षण में आइजक हेरजोंग के नेतृत्व वाली जिओनिस्ट यूनियन को चार या पांच सीटों की बढ़त दिखाई गई थी ।
इजराइल के संसदीय चुनाव में स्पष्ट जीत की ओर अग्रसर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आज अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वह देश में एक मजबूत और स्थिर सरकार बनाएंगे, जो सुरक्षा तथा सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों से गंभीरता से निपटेगी।
नेतन्याहू ने लिकुड पार्टी के समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, “लिकुड पार्टी को बड़ी जीत मिली है। हमने लिकुड पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रवादी ताकतों के लिए बड़ी जीत हासिल की है। मुझे इजरायल के लोगों पर गर्व है। वे चुनौती और निर्थक बातों में भेद करना जान गए हैं। इस चुनाव में उन्होंने चुनौती को चुना।” उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक कल्याण सुनिश्चित करने पर जोर देगी, जो सभी के लिए महत्वूपर्ण हैं।
नेतन्याहू ने अपने संबोधन में इजरायल के अल्पसंख्यकों को भी साथ लेकर चलने का संदेश दिया। चुनाव के नतीजों को इजरायल के प्रत्येक परिवार, नागरिक, सैनिक और सभी इजरायली यहूदी तथा गैर-यहूदी नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण करार देते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं ।
इजराइल के संसदीय चुनाव के तहत मंगलवार को कराए गए मतदान में देश के अरब समुदाय के लोगों ने भारी संख्या में मतदान किया था, जिसे देखते हुए चुनाव परिणाम में बड़े उलट-फेर का अनुमान जताया जा रहा था।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आर्थिक मुद्दों का भी प्रमुखता से जिक्र किया, जो पिछले दिनों क्षेत्रीय खतरों तथा सुरक्षा कारणों से गौण पड़ गया था।
नेतन्याहू ने कहा, “हम सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक मोर्चे पर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। हमने महंगाई पर काबू पाने तथा आवास की आसमान छूती कीमतों को नियंत्रित करने का वादा किया है और हम ऐसा करेंगे। इसके लिए हमें एक मजबूत और स्थिर सरकार बनाने की जरूरत है।” उन्होंने देश के सभी राष्ट्रवादी पार्टी के नेताओं से बिना किसी देरी के सरकार गठन को लेकर साथ आने की अपील की है।
गौरतलब है कि नौ साल तीन महीने से अधिक समय से सत्ता में रहे 65 वर्षीय नेतन्याहू ने चुनावों में जीत का भरोसा व्यत किया था। नेतन्याहू ने चुनाव प्रचार के अंतिम समय में कड़ा रूख अख्तियार कर लिया था और कहा था कि जब तक वह सत्ता में रहेंगे तब तक कोई फलस्तीन देश स्थापित नहीं होगा ।

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