आयरन की गोलिओं ने ली नौवीं क्लास की छात्रा की जान

बच्चों में हो रही आयरन की बड़ती कमी के चलते दिल्ली के सरकारी स्कूलों में हर हफ्ते बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर आयरन की गोलियां बांटी जाती है।लेकिन ये किसे पता था कि यही सोच किसी की जान पर बन जाएगी।  
दिल्ली के वज़ीरपुर इलाके में स्थित जे जे कॉलोनी के सर्वोदय विद्धयालय में बच्चों की सेहत के लिए स्कूल में दी गई आयरन की गोली ज्यादा खाने की शर्त एक छात्रा की मौत का कारण बन गयी। 
इस घटना के बाद शिक्षा विभाग में तो जैसे भूचाल ही आ गया है।इस स्कूल की नौवीं क्लास की एक छात्रा सपना ने 5 मई को क्लास में ही 10 से 12  गोलियां एक साथ खाली जिसकी वजह से उसकी तबियत खराब हो गयी। इस बात की सूचना उसके घर वालों को दी गयी और घरवाले उसे  सरकारी अस्प्ताल ले गए। 
डॉक्टर्स के अनुसार सपना की तबियत बिगड़ने का कारण एक साथ आयरन की कई गोलियां खाना है इसलिए एक लम्बे इलाज के बाद उसकी मौत हो गयी। लड़की के परिजन इसके लिए स्कूल को जिम्मेदार मान रहे है। 
वैसे तो यह गोलियां बच्चों को टीचर के सामने खानी होती है लेकिन क्लास में लगी शर्त के कारण पता नहीं कैसे सपना ने 12 -13 गोलियां एक साथ खा ली।  छात्रा के परिजनों का आरोप है की यह गोलियां क्लासरूम में लगी शर्त में उकसाने पर सपना खा गयी और यह सब टीचर की मौजूदगी में हुआ। 
क्लास टीचर का कहना है की ज्यादा गोली खाने से कुछ नहीं होता। इस  घटना के बाद से स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग में हड़कम्प सा मचा हुआ है। 
शिक्षा विभाग मेडिकल जांच रिपोर्ट के इन्तजार में है वहीँ दिल्ली पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। शुरूआती जांच में पुलिस भी यह मान रही है की सपना ने 10 से 12 गोलियां खाई है। 
शिक्षा विभाग दिल्ली सरकार के नॉडल अफसर का कहना है कि स्कूलों में छुट्टी होने वाली है इसलिए ज्यादा गोलियां दी गई थी ताकि बिना नागे बच्चे हर हफ्ते गोलियां खा सकें।
 
स्कूल ने तो अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ दिया है।  स्कूल में आयरन की गोली खाने के फायदे तो बताय जा रहे है लेकिन इसके ज़्यादा सेवन से होने वाले नुक्सान की जानकारी किसी को नहीं है।  ऐसे में दिल्ली सरकार को हर स्कूल में एक डॉक्टर या काउंसलर रखना चाहिए जो इन बातों की जानकारी बच्चों के साथ साथ टीचर्स को भी दे।
बहराल इस परिवार की लाडली सपना इस दुनिया में नहीं रही।  पुलिस जाँच में लगी है।  

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