नई दिल्ली |
आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी पूर्व पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने AAP को किसी डर के कारण नहीं, बल्कि गहरी हताशा और निराशा के चलते छोड़ा है।
राघव चड्ढा ने कहा कि आज पार्टी के भीतर ईमानदार और मेहनती कार्यकर्ताओं के लिए काम करने की कोई गुंजाइश नहीं बची है। उनके मुताबिक, AAP अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है और ऐसे “भ्रष्ट और समझौतावादी हाथों” में चली गई है, जिससे जुड़ना अब मुश्किल हो गया है।
“AAP में अब ईमानदारों के लिए जगह नहीं”
चड्ढा ने आरोप लगाया कि जो लोग पार्टी को खून-पसीने से सींचकर यहां तक लाए, वही अब खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता पार्टी छोड़ रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि AAP गलत दिशा में जा रही है।
“डर नहीं, निराशा और घृणा की वजह से छोड़ी पार्टी”
AAP नेताओं के इस आरोप पर कि उन्होंने डर के कारण पार्टी छोड़ी, चड्ढा ने पलटवार करते हुए कहा,
“हमने आम आदमी पार्टी को डर के मारे नहीं छोड़ा, बल्कि उससे निराश होकर छोड़ा। हम डर से नहीं, बल्कि घृणा के कारण अलग हुए हैं।”
‘शीशमहल पार्ट 2’ पर भी बड़ा आरोप
राघव चड्ढा ने दिल्ली की राजनीति में चर्चित ‘शीशमहल’ मुद्दे को फिर उठाते हुए कहा कि अब “शीशमहल पार्ट 2” तैयार हो चुका है, जिसकी तस्वीरें सामने आई हैं। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली चुनाव में AAP की हार का सबसे बड़ा कारण यही मुद्दा रहा और पार्टी को इस पर गंभीर आत्ममंथन करना चाहिए।
“संविधान देता है पार्टी छोड़ने का अधिकार”
चड्ढा ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि संविधान निर्वाचित प्रतिनिधियों को यह अधिकार देता है कि यदि उन्हें लगे कि उनकी पार्टी गलत रास्ते पर जा रही है या भ्रष्ट हाथों में चली गई है, तो वे उससे अलग हो सकते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक साथ कई सांसदों का पार्टी छोड़ना इस बात का संकेत है कि अंदरूनी स्थिति ठीक नहीं है।
