दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मधु विहार इलाके में एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो आम लोगों की सेहत के साथ जानलेवा खिलवाड़ कर नकली ईनो (ENO) और नेस्कैफे (Nescafé) बना रहे थे। पिछले दो महीनों से किराए के फ्लैट्स में चल रही इस अवैध फैक्ट्री में नामी ब्रांड्स के नाम पर फर्जी उत्पाद तैयार किए जा रहे थे, जिसे पुलिस ने छापेमारी कर बंद करा दिया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब 20 लाख रुपये का नकली माल जब्त किया है, जो बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी।
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम को मौके से तीन पैकिंग मशीनें, करीब 1 लाख तैयार ईनो सैशे, 50,000 नकली कॉफी सैशे, 500 किलो संदिग्ध कॉफी पाउडर, एसिड से भरे ड्रम और भारी मात्रा में पैकिंग रोल व नकली स्टिकर मिले हैं। आरोपी इतने शातिर थे कि वे ब्रांडेड कंपनियों के फर्जी स्टिकर और टैग लगाकर माल बाजार में सप्लाई करते थे, ताकि ग्राहकों को असली-नकली का फर्क न पता चले। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी जांच के बाद स्पष्ट कर दिया है कि बरामद सामान पूरी तरह नकली है और इसके निर्माण के लिए आरोपियों के पास कोई लाइसेंस नहीं था।
इस मामले में पुलिस ने उत्तम दास, पपाई दास (उर्फ पंकज), नितिन भारद्वाज और संजय बंसल नाम के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) का उपयोग करते हुए मुख्य आरोपियों को देहरादून और कश्मीरी गेट जैसे अलग-अलग इलाकों से धर दबोचा। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और केवल भरोसेमंद दुकानों से ही खाद्य और पेय पदार्थ खरीदें, क्योंकि इन नकली उत्पादों का नियमित सेवन सेहत के लिए अत्यंत हानिकारक और गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।
