पुणे के नसरापुर में 4 साल की बच्ची के साथ हुई हैवानियत के मामले में गिरफ्तार आरोपी भीमराव कांबले की आपराधिक कुंडली ने सनसनी फैला दी है। प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि आरोपी ने मासूम के साथ दरिंदगी करने के बाद उसकी चीखें दबाने के लिए मुंह में मोजे ठूंस दिए और उसकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद से पूरे महाराष्ट्र में आक्रोश का माहौल है और आरोपी की क्रूर मानसिकता को लेकर जांच तेज कर दी गई है।
दस्तावेजों के अनुसार, कांबले एक आदतन अपराधी है जिसका इतिहास दशकों पुराना है। साल 2015 में उसने एक नाबालिग लड़की को “टीवी चालू करने” के बहाने घर बुलाकर उसकी गर्दन पर धारदार हथियार (कोयता) रखकर दुष्कर्म किया था। हालांकि, उस समय सबूतों के अभाव और तकनीकी कारणों से उसे ‘बेनिफिट ऑफ डाउट’ देते हुए बरी कर दिया गया था। इससे पहले साल 1998 में भी उसके खिलाफ महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और घर में जबरन घुसने के मामले भोर और राजगढ़ पुलिस थानों में दर्ज हो चुके हैं।
आरोपी का यह काला अतीत प्रशासन और पुलिस की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यदि पुराने मुकदमों के आधार पर उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाती, तो शायद एक और मासूम की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल, राजगढ़ पुलिस कांबले के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि इस बार उसे कानून के शिकंजे से बचने का कोई मौका न मिले और पीड़ित परिवार को सख्त से सख्त न्याय दिलाया जा सके।
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