मुकेश राणा
हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी अंतर्राष्ट्रीय सफलता हासिल करते हुए कुख्यात गैंगस्टर साहिल चौहान उर्फ साहिल राणा को थाईलैंड से सफलतापूर्वक डिपोर्ट कर लिया है। साहिल चौहान, जो कि भूपी राणा और बंबीहा गैंग का मुख्य सदस्य है, लंबे समय से विदेश में बैठकर हरियाणा और आसपास के राज्यों में अपनी आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहा था। शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच उसे थाईलैंड से दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया, जहाँ से हरियाणा एसटीएफ उसे आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए अपनी हिरासत में लेकर हरियाणा रवाना हो गई। पुलिस के अनुसार, साहिल चौहान कौशल चौधरी गैंग का भी बेहद करीबी सहयोगी रहा है।
मूल रूप से अंबाला के शहजादपुर का रहने वाला 25 वर्षीय साहिल चौहान वर्ष 2016 से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे कुल 16 संगीन मामले दर्ज हैं। विशेष रूप से, उसे यमुनानगर के एक मामले में कोर्ट द्वारा 10 साल के कठोर कारावास की सजा भी सुनाई जा चुकी है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने बेंगलुरु के पते पर धोखाधड़ी से फर्जी पासपोर्ट बनवाया था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। उसके यात्रा इतिहास से पता चला है कि वह कोलकाता के रास्ते ढाका, जकार्ता, मलेशिया और वियतनाम होते हुए थाईलैंड पहुंचा था।
साहिल चौहान की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ हरियाणा ने रेड कॉर्नर नोटिस और इंटरपोल की मदद ली थी, जिसके परिणाम स्वरूप उसे पकड़ा जा सका। वर्ष 2026 में एसटीएफ हरियाणा द्वारा सुनिश्चित की गई यह पांचवीं बड़ी डिपोर्टेशन है; इससे पहले अंकित शौकीन और अमन भैंसवाल जैसे खतरनाक अपराधियों को भी भारत वापस लाया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि साहिल से पूछताछ के दौरान विदेश में छिपे अन्य गैंगस्टरों के ठिकानों और उनके नेटवर्क के बारे में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है। यह कार्रवाई प्रदेश में आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
