नई दिल्ली: दिल्ली के कमला मार्केट इलाके से रोंगटे खड़े कर देने वाला मानव तस्करी (Human Trafficking) का मामला सामने आया है। बिहार के दरभंगा से बेहतर भविष्य की तलाश में निकली एक 17 वर्षीय किशोरी दरिंदगी और सौदेबाजी के जाल में फंस गई थी। लेकिन दिल्ली पुलिस की सजगता और एक साहसी महिला अधिकारी की मुस्तैदी ने उसे नरक में जाने से ऐन वक्त पर बचा लिया।
घर की कलह और झांसा: ऐसे शुरू हुआ ‘खौफनाक सफर’
पीड़ित नाबालिग (बदला हुआ नाम: मोनिका) बिहार के दरभंगा जिले की रहने वाली है। 14 मार्च 2026 को घरेलू विवाद के बाद वह घर से निकल गई थी। दिल्ली में सुनहरे भविष्य और काम का झांसा देकर उसे 52 वर्षीय शिवजी दास ने अपने जाल में फंसाया। शिवजी दास उसके किसी परिचित का जानकार था, जिसने भरोसे का फायदा उठाकर उसे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रिसीव किया।
बंधक बनाकर दरिंदगी और डराने का खेल
आरोपी किशोरी को नेहरू विहार (दयालपुरा) स्थित अपने घर ले गया। यहाँ उसे घरेलू काम दिलाने के बहाने 2 अप्रैल तक बंधक बनाकर रखा गया।
- हैवानियत: जब आरोपी की पत्नी घर पर नहीं थी, तब उसने नाबालिग का यौन शोषण किया।
- धमकी: आरोपी ने पीड़िता को बदनामी का डर दिखाकर चुप रहने के लिए मजबूर किया।
पार्किंग में चल रही थी सौदेबाजी, पुलिस को देख किया इशारा
2 अप्रैल 2026 को आरोपी ने सारी हदें पार कर दीं और किशोरी को बेचने के लिए एसएन मार्ग स्थित एक पार्किंग में ले आया। वह उसे वहां खड़ा कर ग्राहक से ‘कीमत’ तय करने चला गया। तभी वहां से कमला मार्केट थाने की एसआई (SI) किरण सेठी अपनी टीम के साथ पेट्रोलिंग कर रही थीं।
वर्दी देख पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और हाथ हिलाकर पुलिस को मदद का इशारा किया। एसआई किरण सेठी ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत गाड़ी रुकवाई। पुलिस को पास देख किशोरी फफक-फफक कर रो पड़ी और अपनी आपबीती सुनाई।
कानूनी कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी शिवजी दास को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।
- FIR: आरोपी के खिलाफ बलात्कार, पॉक्सो (POCSO) एक्ट और मानव तस्करी की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
- सुरक्षा: पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसे बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे सुरक्षित शेल्टर होम भेज दिया गया है।
सतर्कता की मिसाल: एसआई किरण सेठी की सराहना
एक नाबालिग को उम्रभर के अंधेरे में धकेले जाने से बचाने के लिए दिल्ली पुलिस और खासकर एसआई किरण सेठी की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। यह घटना दर्शाती है कि यदि पुलिस सक्रिय हो और नागरिक हिम्मत दिखाएं, तो बड़े से बड़े अपराध को रोका जा सकता है।
