रामनवमी पर फरीदाबाद में ‘आनंद योग साधना शिविर 2026’: 72 घंटे अखंड शांति पाठ के साथ आध्यात्मिक जागरण का महाआयोजन

रामनवमी पर फरीदाबाद में ‘आनंद योग साधना शिविर 2026’: 72 घंटे अखंड शांति पाठ के साथ आध्यात्मिक जागरण का महाआयोजन

फरीदाबाद (हरियाणा):
रामनवमी के पावन अवसर पर फरीदाबाद की धरती एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर होने जा रही है। अखिल भारतीय संतमत सत्संग, दिल्ली द्वारा 26 मार्च से 29 मार्च 2026 तक ग्राम अनंगपुर स्थित ‘संत यशरूप तपोभूमि परिसर आश्रम’ में चार दिवसीय ‘आनंद योग साधना शिविर’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। संत सुरेश भैयाजी के सानिध्य में होने वाला यह शिविर साधकों के लिए आत्मिक शांति, ध्यान और साधना का एक विशेष अवसर लेकर आ रहा है।

इस आध्यात्मिक समागम का केंद्र ‘इति मार्ग साधना’ है, जिसकी स्थापना 1969 में परम संत महात्मा श्री यशपाल जी महाराज द्वारा की गई थी। यह साधना पद्धति गृहस्थ जीवन जीते हुए भी ईश्वर से जुड़ने का सहज और प्रभावी मार्ग प्रदान करती है। शिविर के दौरान साधक नाम-जप, आत्मस्मरण और गुरु-कृपा के माध्यम से आंतरिक चेतना को जागृत करने का अनुभव करेंगे।

कार्यक्रम की रूपरेखा में प्रातःकालीन गुरु-स्मरण, रामनाम संकीर्तन और गहन ध्यान सत्र शामिल हैं। साथ ही, विद्वानों द्वारा आंतरिक मौन, चित्त की शुद्धि और संस्कारों के शमन जैसे विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे साधकों को मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन प्राप्त हो सके।

इस शिविर का मुख्य आकर्षण 72 घंटे का अखंड शांति पाठ होगा, जो 26 मार्च से शुरू होकर 29 मार्च तक निरंतर चलेगा। इस दौरान साधक ‘ओम शांति’ या अपने इष्ट मंत्र का जाप करते हुए सामूहिक साधना में सहभागी बनेंगे, जो न केवल व्यक्तिगत उन्नति बल्कि विश्व शांति के संकल्प को भी सशक्त करेगा।

29 मार्च (रविवार) को ‘नामदान’ और दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें नए साधकों को संत सुरेश भैयाजी द्वारा आध्यात्मिक मार्ग पर दीक्षित किया जाएगा।

नई पीढ़ी को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से ‘बाल तरंग’ सत्र का भी आयोजन किया गया है, जिसमें बच्चों को खेल और प्रार्थना के माध्यम से संस्कार और एकाग्रता सिखाई जाएगी। इसके अलावा, शिविर में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया जाएगा, जो सेवा और समर्पण की भावना को दर्शाता है।

आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमियों और आध्यात्मिक जिज्ञासुओं से अपील की है कि वे सपरिवार इस शिविर में शामिल होकर आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करें। यह आयोजन न केवल साधना का अवसर है, बल्कि एक ऐसे आध्यात्मिक संगम का हिस्सा बनने का निमंत्रण है, जहाँ एक दीपक से दूसरा दीपक प्रज्वलित होता है।

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