नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा भाजपा और आरएसएस को “जहरीला सांप” कहे जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में उबाल आ गया है। भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने खड़गे की टिप्पणी को लोकतंत्र की मर्यादाओं का उल्लंघन और कांग्रेस की “बौद्धिक कंगाली” का प्रतीक बताया है।
“हताशा का परिणाम है ऐसी बयानबाजी”
खंडेलवाल ने कहा कि इस तरह के शब्द न केवल राजनीतिक स्तर के पतन को दर्शाते हैं, बल्कि यह समाज में वैमनस्य फैलाने की एक सोची-समझी साजिश है। उनके अनुसार:
- यह बयान जनता के बीच लगातार कम होते समर्थन से उपजी गहरी हताशा को उजागर करता है।
- कांग्रेस अपनी गलत नीतियों और “कुकर्मों” के कारण आज देश की राजनीति में समाप्ति की कगार पर है।
- खड़गे का यह रुख “विनाशकाले विपरीत बुद्धि” की कहावत को चरितार्थ करता है।
विकास बनाम नकारात्मकता
सांसद खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की उपलब्धियों और कांग्रेस की नकारात्मकता के बीच सीधा अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
- वैश्विक प्रतिष्ठा: जहाँ भारत की साख पूरी दुनिया में बढ़ रही है, कांग्रेस उसे धूमिल करने की कोशिश कर रही है।
- मजबूत अर्थव्यवस्था: देश डिजिटल और आर्थिक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
- दिशाहीन विपक्ष: कांग्रेस अपनी दिशा खो चुकी है और अब केवल उत्तेजक बयानों के सहारे जीवित रहना चाहती है।
“लोकतंत्र में स्वस्थ बहस और नीतिगत विरोध का स्थान होना चाहिए, न कि हिंसात्मक और ओछी भाषा का। ऐसी बयानबाजी युवाओं के सामने गलत उदाहरण पेश करती है।” — प्रवीन खंडेलवाल, भाजपा सांसद
कांग्रेस से माफी की मांग
खंडेलवाल ने कांग्रेस नेतृत्व को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए देश से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की राजनीति से कांग्रेस का बचा-कुचा जनाधार भी खत्म हो जाएगा। उन्होंने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जनता के आशीर्वाद से भाजपा विकास के पथ पर आगे बढ़ती रहेगी, जबकि नकारात्मक राजनीति करने वाले हाशिए पर चले जाएंगे।
