हाथरस गैंगरेप केस : सीबीआई की चार्जशीट से जगी इन्साफ की आस

संतोष कुमार सिंह

नई दिल्ली। बहुचर्चित हाथरस मामले में जांच कर रही सीबीआई ने 18 दिसम्बर को चारों आरोपियों के खिलाफ हाथरस की एससीएसटी कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। करीब दो हजार से अधिक पन्नों की चार्जशीट में हत्या, गैंगरेप व दलित उत्पीड़न का आरोप लगाया है। मामले की अगली सुनवाई आगामी चार जनवरी को होगी। आरोप पत्र दाखिल करते समय पीड़िता का बड़ा भाई अपनी पत्नी के साथ कोर्ट में मौजूद रहा।


14 सिंतबर को हुई थी वारदात

गौरतलब है कि हाथरस जिले के कोतवाली चंदपा के गांव बूलगढ़ी में 14 सितंबर को एक दलित युवती के साथ गैंगरेप की वारदात हुई। उसकी जान लेने की कोशिश हुई। पीड़िता के भाई की तहरीर के आधार पर पुलिस ने गांव के ही संदीप ठाकुर के खिलाफ जानलेवा हमला और छेड़छाड़ की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान पीड़िता ने अपने बयान में दुष्कर्म की बात कही। उसी आधार पर पुलिस ने संदीप, रवि, लवकुश और रामू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 29 सितम्बर को दिल्ली में पीड़िता की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

पुलिस ने रातों-रात किया अंतिम संस्कार


मौत के बाद पीड़िता के शव को उसके गांव ले जाकर रात में ही जिला प्रशासन ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। जिसे लेकर देशभर में खूब बवाल हुआ था। परिजनों ने पुलिस पर जबरन अंतिम संस्कार कराने का आरोप लगाया था। इसी मामले को लेकर आनन-फानन में एसपी, सीओ सहित पांच पुलिस कर्मी निलंबित कर दिये गये थे। प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिये एसआईटी का गठन किया था।

एसआईटी ने 17 दिन जांच की। इस बीच 11 अक्तूबर को सीबीआई मामले की जांच करने के लिए हाथरस आ गई। सीबीआई ने सीओ सादाबाद और चंदपा कोतवाली जाकर इस मुकदमे से जुड़े कागजात एकत्रित किए और उसके बाद अपनी जांच पड़ताल शुरू कर दी।

सीबीआई ने इस केस को सुलझाने के लिए चारों आरोपियों के पॉलीग्राफ टेस्ट कराए। माना जा रहा है कि इन टेस्टों में भी सीबीआई के हाथ पुख्ता सुबूत लगे हैं। क्राइम सीन रिक्रियट किया। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने 18 दिसम्बर को अपनी चार्जशीट फाइल की।

योगी सरकार निशाने पर

इस मामले के बाद उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध को लेकर योगी सरकार निशाने पर आ गई। हाल ही में हाथरस, बलरामपुर और भदोही में जिस तरह की घटना घटी उसके बाद से लोगों में सरकार को लेकर काफी गुस्सा है। लगातार अपराधियों को कड़ी सजा देने की मांग की जा रही है।

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हाथरस के चर्चित गैंगरेप केस में सीबीआई की कोर्ट में दाखिल चार्जशीट बताती है कि लड़की के लगाए गए आरोप सही हैं। इस आरोप पत्र में 22 सितंबर को दिए पीड़िता के आखिरी बयान को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। इस बयान में पीड़िता ने चारों आरोपियों पर रेप करने और शारीरिक हिंसा करने का आरोप लगाया था।

इसी बयान के बाद हाथरस पुलिस ने चारों के खिलाफ गैंगरेप की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। बीती 30 सितंबर को लड़की की मौत के बाद हत्या की धाराएं भी केस में जुड़ गई थी। सीबीआई को मामला ट्रांसफर होने के बाद गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में जांच एजेंसी ने इन्ही धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। अपनी 69 दिनों की जांच पड़ताल के बाद 18 दिसम्बर को सीबीआई ने उक्त संगीन धाराओं के तहत ही चार्जशीट दाखिल की तो स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है।

डिप्टी एसपी के नेतृत्व में हुई जांच

18 दिसम्बर को दोपहर करीब एक बजे सीबीआई की डिप्टी एसपी सीमा पाहुजा अपनी टीम के दस सदस्यों के साथ विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट पहुंचीं और जज बीडी भारती से मुलाकात की। टीम ने आरोप-पत्र अदालत में पेश किया। सीबीआई ने चारों आरोपियों को अपनी जांच में दोषी मानते हुए उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। इसमें गैगरेप, हत्या और दलित उत्पीड़न की धाराएं शामिल हैं।


हाथरस के डीएम और एसपी तलब

कोर्ट ने 16 दिसंबर को ही सुनवाई की अगली तारीख 27 जनवरी तय कर दी थी। कोर्ट ने उस दिन हाथरस के डीएम प्रवीण कुमार और एसपी रहे विक्रांत वीर को तलब किया है। तब पीड़ित परिवार भी कोर्ट में मौजूद होगा। हालांकि, अभी तक कोर्ट ने पीड़ित परिवार को मकान और नौकरी देने के बारे में कोई आदेश नहीं दिया गया है। पीड़ित परिवार की वकील सीमा कुशवाहा ने कहा कि पीड़ित परिवार को मुआवज़ा दिलाने की जिम्मेदारी हाथरस डीएम की थी लेकिन अब तक कुछ भी नहीं हुआ।

पीड़िता के भाई का साइकोलॉजिकल टेस्ट होगा

सीबीआई पीड़ित के भाई को फोरेंसिक साइकोलॉजिकल टेस्ट के लिए गुजरात लेकर जाएगी। हाथरस केस में पीड़ित के भाई ने ही एफआईआर दर्ज कराई थी। सूत्रों की मानें तो सीबीआई को कुछ सवालों के सटीक जवाब चाहिए। इसलिए, पीड़ित के भाई का साइक्लोजिकल असेसमेंट कराया जा रहा है। इस तरीके से पूछताछ में डायरेक्टर और इनडायरेक्ट सवाल किए जाते हैं। पूरी प्रोसेस की रिकॉर्डिंग की जाती है।


यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं : पीड़िता का भाई


हाथरस गैंगरेप केस में सीबीआई की चार्जशीट फाइल होने के बाद पीड़िता का भाई भावुक हो गया। कोर्ट के बाहर उसने कहा अभी तो आधी जीत हुई है,पूरी जीत तो तब होगी जब सारे आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। उसने एक बार फिर यूपी पुलिस पर आरोप लगाते हुये कहा कि उन्हें यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं है। पीड़िता के भाई ने सीबीआई जांच पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि अब तसल्ली महसूस हो रही है। ऐसा लग रहा है कि अब बहन को इंसाफ मिलेगा।


न्याय की उम्मीद जगी : पीड़िता की भाभी


18 दिसम्बर को पीड़िता की भाभी भी कोर्ट पहुंची थीं। यहां उन्होंने बातचीत में कहा कि बेटी की कमी पूरे परिवार को परेशान करती है। सीबीआई जांच पर मृतका की भाभी ने भी संतुष्टि जताई। कहा अब जो भी हो रहा है, सही हो रहा है।अब हममें न्याय की उम्मीद जगी है।


सत्यमेव जयते : प्रियंका गांधी


हाथरस कांड में आरोपियों पर चार्जशीट फाइल होने पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इसे सत्य की जीत बताया है। उन्होंने ट्वीटर पर ट्वीट करते हुये लिखा-एक तरफा सरकार सरंक्षित अन्याय था। दूसरी तरफ परिवार की न्याय की आस थी। पीड़िता का शव जबरदस्ती जला दिया गया था। पीड़िता को बदनाम करने की कोशिशें भी हुईं। परिवार को डराया- धमकाया गया। लेकिन अंततः सत्य की जीत हुई। सत्यमेव जयते


ऐसा दंड मिलेगा जो उदाहरण प्रस्तुत करेगा : सीएम योगी

‘‘उत्तर प्रदेश में माताओं-बहनों के सम्मान-स्वाभिमान को क्षति पहुंचाने का विचार मात्र रखने वालों का समूल नाश सुनिश्चित है। इन्हें ऐसा दंड मिलेगा जो भविष्य में उदाहरण प्रस्तुत करेगा। हम प्रत्येक माता-बहन की सुरक्षा व विकास हेतु संकल्पबद्ध है। यह हमारा संकल्प है -वचन है।‘’
कुल मिलाकर सीबीआई की जांच ने साफ कर दिया है कि हाथरस की बेटी के साथ हैवानियत हुई थी। पूरा मामला तो कोर्ट में सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा, लेकिन एक बात साफ है कि अब बिटिया के परिजनों में इंसाफ की आस जरूर जग गई है।

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