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Leader of Opposition in Delhi Assembly Vijender Gupta addressing a press conference in New Delhi on June 11,2016. Photo by K Asif

दिल्ली सरकार दे अपने राजस्व से ऑटो चालकों को सब्सिडी : विजेन्द्र गुप्ता

गोमती तोमर,
दिल्ली सरकार से विपक्ष के नेता विजेन्द्र गुप्ता ने दिल्ली सरकार से मांग की है कि ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए भी वह अपने राजस्व के खजाने खोलें और जनता के हितों को साधने के लिए सरकार सब्सिडी का रास्ता अपनाए न कि किराये में वृद्धि करे । विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली सरकार से सवाल पूछते हुए उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, डीटीसी, ई-रिक्शा पर सब्सिडी देने वाली सरकार ऑटो-रिक्शा पर सब्सिडी क्यो नहीं दे सकती? 
दिल्ली सरकार के साथ वह पहले भी कई विवादों में खड़े दिखे है और इस बार उन्होंने इस बात पर घोर आश्चर्य व्यक्त किया कि कुछ समय पूर्व दिल्ली मेट्रो के किराये में वृद्धि का निरन्तर पुरजोर विरोध करने वाली केजरीवाल सरकार स्वयं ऑटो रिक्शा के किराये में वृद्धि करने जा रही है उनका कहना ये भी है की एक और किराये बढ़ने को लेकर जो सरकार विरोध उत्तपन कर रही थी व्ही दूसरी और वो आज खुद किराये को कैसे बड़ा रही है या ये मान ले की केजरीवाल सरकार विरोध ही उसका करती है जो उसे खुद करना होता है। इस वृद्धि का सीधा प्रभाव आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। उन्होंने सरकार को आह्वान किया कि वे ऑटो रिक्शा के किराये में वृद्धि न कर ऑटो रिक्शा चालकों को उनकी यूनियनों से विचार विमर्श कर सीएनजी पर समुचित सब्सिडी दे। यह सब्सिडी इतनी होनी चाहिए कि ऑटो रिक्शा चलाने में वर्ष 2013 के बाद बढ़े हुए खर्चे की भरपाई हो सके।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि ऑटो रिक्शा के किराये 5 वर्ष पूर्व बढ़ाये गए थे, तब से सीएनजी तथा अन्य खर्चों में काफी वृद्धि हो चुकी है। उनका कहना है की ऑटो रिक्शा हो या बैटरी रिक्शा इन दोनों को खरीद पर भी सब्सिडी देनी चाहिए ताकि एक गरीब इंसान भी अपनी रोजी रोटी का इंतजाम आराम से कर सके। विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यदि ऑटो-रिक्शा के किराये बढ़ाये जाते हैं तो ओला और ऊबर की सुलभ उपलब्धता के चलते ऑटो की मांग कम हो जाएगी। इससे ऑटो-रिक्शा चालकों को लाभ के स्थान पर हानि का सामना करना पड़ सकता है।ओला और ओबर जैसे ही किराया ऑटो का हो गया तो कोई ऑटो में क्यों जाना पसंद करेगा पहले ही ओला और ओबर ने लोगो को इतना लुभावना रेट दिखा दिया है की हर एक के फोन में उनकी एप मिल जाएगी। जरा सी दुरी के लिए बह लोग इन्हे ही बुक करना पसंद करते है ऐसे में यदि दिल्ली सरकार इसनहे सब्सिडी दे दे तो ये ऑटो चालक भी अपना घर अच्छे से चला सके।
उन्हें इस बात की भी सरकार द्वारा सब्सिडी दिये जाने पर जहां एक ओर ऑटो रिक्शा चालकों को बढ़े हुए खर्चो की भरपाई हो सकेगी और वे अपने परिवार का भली-भांति भरण-पोषण कर सकेंगे, वहीं दूसरी ओर दिल्ली की जनता पर भी इसका कोई  प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस सब्सिडी का भार सरकार अपने राजस्व से भरे इन्ही आम जनता की सहायता के लिए ये सरकार आयी थी  खुद ये सब भूल कर बड़े बड़े कार्यो को देखने में लग गयी और इन आप आदमी को भूल गयी । जब सरकार बिजली, पानी और डीटीसी, ई-रिक्शा पर सब्सिडी दे सकती है तो वह ऑटो रिक्शा जैसी लोकप्रिय सबारी पर सब्सिडी क्यों नहीं दे सकती।

 

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